जम्मू। प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में 31 अगस्त तक 84 ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। जम्मू-कश्मीर में मौजूदा 68 ऐसे प्लांटों को कार्यात्मक बना दिया गया है। हालांकि, इससे पहले यह लक्ष्य 15 अगस्त तक रखा गया था। ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट की संख्या बढ़ने से प्रदेश में ऑक्सीजन की कई गुणा अधिक आपूर्ति होगी।
देशभर में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की पर्याप्त सप्लाई बड़ी चुनौती रही थी। जम्मू-कश्मीर में फिलहाल ऐसी नौबत नहीं आई। लेकिन भविष्य की तैयारी को ध्यान में रखते हुए ऑक्सीजन क्षेत्र को मजबूत बनाया जा रहा है। इस माह के अंत तक सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन की क्षमता 71650 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) हो जाएगी जो प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में पहली बार होगा।
जम्मू कश्मीर में कुल स्थापित किए जा रहे ऑक्सीजन प्लांट में से कश्मीर में 34750 एलपीएम की क्षमता वाले 37 प्लांट और जम्मू संभाग में 34400 की क्षमता वाले 45 प्लांट हैं। इसके अलावा स्किम्स श्रीनगर में 2500 एलपीएम की क्षमता वाले दो ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में कोविड संक्रमित मामलों में गिरावट है। दैनिक आधार पर 100 से 150 के बीच संक्रमित मामले आ रहे हैं।
रिकवरी दर 98 फीसदी से ऊपर है। लेकिन नए वेरियंट आने से कोविड की तीसरी लहर को खतरनाक माना जा रहा है। नए वेरियंट सामुदायिक स्तर पर संक्रमण का अधिक तेजी से प्रसार करने में सक्षम हैं। जीएमसी जम्मू के अलावा अन्य कई मेडिकल कॉलेज लेवल 1 कोविड अस्पताल के रूप में काम कर रहे हैं। जम्मू में एमसीएच गांधीनगर को स्टैंडबाय कोविड अस्पताल के रूप में तैयार रखा गया है। इसके अलावा भगवती नगर स्थित डीआरडीओ अस्पताल अलग से स्थापित है।
प्रदेश में ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति : डुल्लू
स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के सरकारी अस्पतालों में निकट भविष्य में ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति की क्षमता होगी। इससे कोविड और गैर कोविड मरीजों को राहत मिलेगी। निजी अस्पतालों में भी कुछ बेडों की संख्या पर ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लगाने के निर्देश दिए गए हैं।