विश्नाह के चोली चोरली में किसानों के साथ बात करती पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती।
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पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी से किसानों और बागवानों को हुए नुकसान पर जो मुआवजा सरकार दे रही है, उसे मजाक ही कहा जा सकता है। पांच दिवसीय जम्मू दौरे के तहत सोमवार को आरएस पुरा और बिश्नाह में पहुंचीं महबूबा ने कहा कि विश्व में प्रसिद्ध आरएस पुरा की बासमती पूरी तरह से बर्बाद हो गई है।
सरकार ने प्रति कनाल 600 रुपये मुआवजा तय किया है। यह दर्शाता है कि सरकार एक कमरे में बैठकर फैसले कर रही है। सरकार की नीतियों और फैसलों का जमीनी स्तर के हालात से कोई वास्ता नहीं है।महबूबा ने कहा कि जम्मू संभाग में बासमती हो या फिर कश्मीर में सेब व अन्य फसलें। किसानों व बागवानों को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन सरकार उनके प्रति संवेदनशील नहीं है।
23 व 24 अक्तूबर को हुई बारिश-बर्फबारी को आपदा घोषित करने के बाद भी किसानों से भद्दा मजाक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश भर में किसान भाजपा की केंद्र सरकार के खिलाफ सड़कों पर हैं। जम्मू-कश्मीर में भी हालात ऐसे ही हैं। किसान विरोधी नीतियों से देश का अन्नदाता परेशान है।
दोनों देशों में तनाव का दंश झेल रहे हैं सीमावर्ती लोग, फिर अलापा पाकिस्तान से दोस्ती का राग
महबूबा ने कहा कि मरहूम मुफ्ती मोहम्मद सईद सीमावर्ती लोगों के दुख दर्द को बखूबी समझते थे। इसीलिए उन्होंने हालात सामान्य करने पर जोर दिया। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का खामियाजा सीमावर्ती ग्रामीणों को ही भुगतना पड़ता है। दोनों मुल्कों में दोस्ताना रिश्तों से ही समस्या का स्थायी समाधान मुमकिन है।