बीते सप्ताह मंगलवार को दो महिलाओं समेत पांच लोग घायल व्यक्ति को मृत बताकर एंबुलेंस से जम्मू से सुरनकोट के गांव सैला जा रहे थे। घायल सहित अन्य सभी लोगों की गतिविधियों पर शंका होने पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान उन्होंने पुलिस को मृत्यु प्रमाण पत्र भी पेश किया। जोकि जांच करने के बाद पता चला कि फर्जी है।
पंजाब के नंबर वाली (पीबी02 सीक्यू-6663) इस निजी एंबुलेंस का चालक राजोरी का रहने वाला है। लॉकडाउन के दौरान मंगलवार की शाम एसएचओ सुरनकोट अनिल कुमार शर्मा जवानों के साथ गश्त पर थे। इस दौरान एक निजी एंबुलेंस आती दिखी तो उसे रोक लिया। एंबुलेंस सवार लोगों ने जीएमसी जम्मू से बनाए गए हाकम दीन पुत्र साहब दीन का मृत्यु प्रमाण पत्र दिखाया।
पुलिस ने जांच की तो वह व्यक्ति जीवित निकला। पुलिस एंबुलेंस सहित सभी को थाने ले आई। पूछताछ में एंबुलेंस सवार लोगों ने बताया कि हाकम दीन मंगलवार सुबह तक जीएमसी जम्मू में भर्ती था। जहां उसके साथ दो तीमारदार भी थे। 27 मार्च को मोहम्मद अशरफ पुत्र मोहम्मद यूसुफ निवासी सैलां पटियाला पंजाब से जीएमसी उनके पास आया और 30 मार्च को हाकमदीन को जीएमसी से डिस्चार्ज कराने के बाद सुबह तक वहीं रहे।
मंगलवार को वह मोहम्मद अशरफ के सहयोग से जम्मू से निजी एंबुलेंस में सवार होकर सुरनकोट तहसील के मुगलरोड पर स्थित गांव सैलां के लिए निकले थे। जम्मू से सुरनकोट के बीच सभी नाकों पर वह मृत्यु प्रमाण पत्र और हाकमदीन को शव के रूप में दिखा कर आगे निकलते रहे। परंतु घर के नजदीक पहुंच कर उनका झूठ पकड़ा गया।