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लॉकडाउन में एंबुलेंस की आड़ में अपराधः मरीज निकला नशा तस्कर, हाल ही में जिंदा इंसान बना था लाश

Tue, 07 Apr 2020 02:17 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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जम्मू में बख्शी नगर पुलिस ने एक कुख्यात नशा तस्कर को उसके साथी के साथ गिरफ्तार किया है। वह पंजाब से मरीज बनकर एंबुलेंस से जम्मू आ रहा था। उसके पास से हेरोइन और रिवाल्वर बरामद हुई है। पुलिस ने रिवाल्वर और एंबुलेंस को जब्त कर लिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच भी शुरू कर दी गई है।

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सोमवार को पुलिस ने कनाल रोड मोड़ के पास नाके पर पंजाब से आ रही एक एंबुलेंस (पीबी11एएन -8447) को रोका। वाहन के दस्तावेज चेक करने के दौरान तलाशी में उससे दस ग्राम हेरोइन और एक रिवाल्वर भी बरामद हुई। एंबुलेंस में शक्ति नगर (जम्मू) का रहने वाला विशाल शर्मा उर्फ वीशू मरीज बनकर लेटा था, जबकि पंजाब के लुधियाना का रहने वाला हीरा सिंह एंबुलेंस चला रहा था।

पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार विशाल नशा तस्कर है और पंजाब में ही रहता है। वहीं पर उसने अपना ठिकाना बना रखा है। वह पंजाब और कश्मीर से हेरोइन लाकर जम्मू में बेचता है।

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मृत्यु प्रमाण पत्र और जिंदा इंसान को शव के रूप में दिखा कर आगे निकलते रहे आरोपी

बीते सप्ताह मंगलवार को दो महिलाओं समेत पांच लोग घायल व्यक्ति को मृत बताकर एंबुलेंस से जम्मू से सुरनकोट के गांव सैला जा रहे थे। घायल सहित अन्य सभी लोगों की गतिविधियों पर शंका होने पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान उन्होंने पुलिस को मृत्यु प्रमाण पत्र भी पेश किया। जोकि जांच करने के बाद पता चला कि फर्जी है।

पंजाब के नंबर वाली (पीबी02 सीक्यू-6663) इस निजी एंबुलेंस का चालक राजोरी का रहने वाला है। लॉकडाउन के दौरान मंगलवार की शाम एसएचओ सुरनकोट अनिल कुमार शर्मा जवानों के साथ गश्त पर थे। इस दौरान एक निजी एंबुलेंस आती दिखी तो उसे रोक लिया। एंबुलेंस सवार लोगों ने जीएमसी जम्मू से बनाए गए हाकम दीन पुत्र साहब दीन का मृत्यु प्रमाण पत्र दिखाया।

पुलिस ने जांच की तो वह व्यक्ति जीवित निकला। पुलिस एंबुलेंस सहित सभी को थाने ले आई। पूछताछ में एंबुलेंस सवार लोगों ने बताया कि हाकम दीन मंगलवार सुबह तक जीएमसी जम्मू में भर्ती था। जहां उसके साथ दो तीमारदार भी थे। 27 मार्च को मोहम्मद अशरफ पुत्र मोहम्मद यूसुफ निवासी सैलां पटियाला पंजाब से जीएमसी उनके पास आया और 30 मार्च को हाकमदीन को जीएमसी से डिस्चार्ज कराने के बाद सुबह तक वहीं रहे।

मंगलवार को वह मोहम्मद अशरफ के सहयोग से जम्मू से निजी एंबुलेंस में सवार होकर सुरनकोट तहसील के मुगलरोड पर स्थित गांव सैलां के लिए निकले थे। जम्मू से सुरनकोट के बीच सभी नाकों पर वह मृत्यु प्रमाण पत्र और हाकमदीन को शव के रूप में दिखा कर आगे निकलते रहे। परंतु घर के नजदीक पहुंच कर उनका झूठ पकड़ा गया।
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