लद्दाख के समर्थन में प्रदर्शन
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सोनम वांगचुक का अनशन 15वें दिन भी रहा जारी
इन्हीं मांगों को लेकर पर्यावरण एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक 15 दिन से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हुए हैं। बुधवार को 15वें दिन वांगचुक ने कहा, 'मैं अब भी केवल पानी और नमक पर जीवित रह सकता हूं। बीती रात मेरे साथ 125 लोग खुले आसमान के नीचे भूखे सोये। यहां न्यूनतम तापमान माइनस 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।' उन्होंने कहा कि लद्दाख के ग्लेशियरों को बचाना अकेले लद्दाख के लोगों की चिंता नहीं है। इसके लिए पूरे देश के लोगों को आगे आना चाहिए। भाजपा सरकार को उनके किए हुए वादों को याद कराने के लिए वह संघर्ष कर रहे हैं।
सीमा पर मार्च की योजना बना रहे वांगचुक
इससे पहले मंगलवार को सोनम वांगचुक ने कहा कि वे बाहरी दुनिया के सामने जमीनी हकीकत को उजागर करने के लिए जल्द ही एक सीमा मार्च की योजना बना रहे हैं।
उन्होंने कहा, '...हमारे लोग दक्षिण में विशाल भारतीय औद्योगिक संयंत्रों और उत्तर में चीनी अतिक्रमण के कारण अपनी मुख्य चारागाह भूमि खो रहे हैं। जमीनी हकीकत दिखाने के लिए हम जल्द ही 10,000 लद्दाखी चरवाहों और किसानों के बॉर्डर मार्च की योजना बना रहे हैं।"