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लद्दाख: पूर्ण राज्य की मांग पर कारगिल आधा दिन बंद, रैली निकाल KDA ने भरी हुंकार, सोनम वांगचुक का अनशन जारी

Wed, 20 Mar 2024 06:34 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/लेह

सार

केडीए के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने रैली निकाल कर केंद्र सरकार से मांगों को पूरा करने का अनुरोध किया। केडिए नेता सज्जाद कारगिली ने कहा कि लद्दाख के पूर्ण राज्य की मांग और संविधान की छठी सूची में शामिल करने की मांग को पूरा करना ही होगा। केडीए की तरफ से 24 मार्च से कारगिल में भूख हड़ताल शुरू करने की भी घोषणा की गई है।
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कारगिल में रैली निकालते हुए लोग - फोटो : एक्स
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विस्तार
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कारगिल में हजारों की संख्या में लोगों ने फातिमा चौक से हुसैनी पार्क तक रैली निकाल कर अपनी मांगों के समर्थन में हुंकार भरी। मुख्य बाजार में प्रदर्शन किया गया। लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और इसे छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग करते हुए नारे लगाए गए।

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कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) को लेह अपेक्स बाड़ी (एलएबी) का भी समर्थन मिला। दोनों जिलों का प्रतिनिधित्व करने वाले विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों के अलग-अलग समूह संयुक्त रूप से इन मांगों के लिए आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। दोनों समूह पिछले चार वर्षों से लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और इसे संविधान की छठी अनुसूची के तहत शामिल करने की मांग कर रहे हैं।

24 मार्च से कारगिल में भूख हड़ताल शुरू करने का आह्वान

केडीए नेतृत्व ने हुसैनी पार्क में एक विशाल सभा को संबोधित किया और लोगों से केंद्र के साथ अपनी वार्ता की विफलता के बाद लंबे संघर्ष के लिए तैयार रहने का आग्रह किया। उन्होंने 24 मार्च से कारगिल में भूख हड़ताल शुरू करने की भी घोषणा की।
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केडीए के सह-अध्यक्ष असगर अली करबलाई ने कहा, "हम बातचीत के माध्यम से अपनी मुख्य मांगों का समाधान चाहते हैं लेकिन केंद्र सरकार ने हमारी दोनों मुख्य मांगों - राज्य का दर्जा और (छठी अनुसूची के तहत शामिल) - को अस्वीकार कर चार मार्च को बातचीत के दरवाजे बंद कर दिए, जिससे लोगों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा।"

उन्होंने कहा कि लद्दाख के लोग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, "हमने भारत सरकार के साथ कई दौर की बातचीत की, लेकिन दुर्भाग्यवश, उनका रवैया ठीक नहीं रहा। उन्होंने बेरुखी से जवाब दिया। उनका (सरकार) मानना है कि वे अपनी ताकत के बल पर लद्दाख के लोगों को दबा देंगे, लेकिन ऐसा नहीं है। हम दृढ़ रहेंगे और आने वाले दिनों में मांगों को मजबूती से अपनी मांगें उठाएंगे।"

करबलाई ने कहा कि केडीए नेतृत्व गुरुवार को लेह के लिए रवाना हो रहा है और आंदोलन को और अधिक जोश के साथ आगे बढ़ाने के लिए एक संयुक्त रणनीति और रोडमैप तैयार करने के लिए एलएबी नेतृत्व से मुलाकात करेगा।
 

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लद्दाख के समर्थन में प्रदर्शन - फोटो : एजेंसी
सोनम वांगचुक का अनशन 15वें दिन भी रहा जारी

इन्हीं मांगों को लेकर पर्यावरण एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक 15 दिन से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हुए हैं। बुधवार को 15वें दिन वांगचुक ने कहा, 'मैं अब भी केवल पानी और नमक पर जीवित रह सकता हूं। बीती रात मेरे साथ 125 लोग खुले आसमान के नीचे भूखे सोये। यहां न्यूनतम तापमान माइनस 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।' उन्होंने कहा कि लद्दाख के ग्लेशियरों को बचाना अकेले लद्दाख के लोगों की चिंता नहीं है। इसके लिए पूरे देश के लोगों को आगे आना चाहिए। भाजपा सरकार को उनके किए हुए वादों को याद कराने के लिए वह संघर्ष कर रहे हैं।

सीमा पर मार्च की योजना बना रहे वांगचुक

इससे पहले मंगलवार को सोनम वांगचुक ने कहा कि वे बाहरी दुनिया के सामने जमीनी हकीकत को उजागर करने के लिए जल्द ही एक सीमा मार्च की योजना बना रहे हैं।
उन्होंने कहा, '...हमारे लोग दक्षिण में विशाल भारतीय औद्योगिक संयंत्रों और उत्तर में चीनी अतिक्रमण के कारण अपनी मुख्य चारागाह भूमि खो रहे हैं। जमीनी हकीकत दिखाने के लिए हम जल्द ही 10,000 लद्दाखी चरवाहों और किसानों के बॉर्डर मार्च की योजना बना रहे हैं।"

 
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