फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लाल सिंह की कांग्रेस में वापसी: भाजपा-PDP सरकार में रहे मंत्री, अब उधमपुर से डॉ. जितेंद्र सिंह को देंगे चुनौती

Wed, 20 Mar 2024 05:31 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

चौधरी लाल सिंह ने बुधवार को कांग्रेस में वापसी कर ली है। वह कांग्रेस से दो बार सांसद रह चुके हैं। नई दिल्ली में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी का दामन थामा।
विज्ञापन
लाल सिंह और डॉ. जितेंद्र सिंह - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू कश्मीर में भाजपा-पीडीपी सरकार के पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस से दो बार सांसद रह चुके चौधरी लाल सिंह ने बुधवार को लगभग 10 साल के बाद फिर कांग्रेस में वापसी कर ली है। नई दिल्ली में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, भरत सिंह सोलंकी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विकार रसूल वानी सहित वरिष्ट नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी का दामन थामा।

विज्ञापन


कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी की तरफ से लाल सिंह का पार्टी में स्वागत किया। विकार रसूल वानी ने कहा कि लाल सिंह की पार्टी में वापसी से प्रदेश में कांग्रेस को मजबूती मिलेगी। कांग्रेस के फिर वापसी चौधरी लाल सिंह ने पार्टी में वापसी पर कांग्रेस नेताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह जब जिस पार्टी में होते हैं, उनकी सरकार जरूर बनती है।

डोगरा अंदाज में फिर नजर आए लाल सिंह

लाल सिंह ने कहा कि वह डोगरा हैं और अगर दिल्ली दूर है तो वह इसलिए कि डोगरे सरहद पर तैनात हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में चुनाव लड़ना ही बड़ी बात है। वहां हमले होना आम है। 
विज्ञापन


उधमपुर सीट से लड़ने के दिए संकेत

इशारों में उन्होंने उधमपुर सीट से लड़ने की बात भी कही। लाल सिंह ने कहा, 'मै जिस सीट पर लड़ने जा रहा हूं, भाजपा वहां से 370 सीट जीतने की ख्वाब देख रही हैं। लेकिन जब वह पहली सीट ही हारने वाले हैं तो 370 की गिनती कहां जाएगी।' उन्होंने साफ इशारा किया कि वह उधमपुर सीट से लड़ने जा रहे हैं। हालांकि कांग्रेस की तरफ से इस सीट पर अभी उम्मीदवार की घोषणा किया जाना बाकी है।

अगर कांग्रेस एक बार फिर लाल सिंह को उधमपुर सीट से मैदान में उतारती है तो इस सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो जाएगा। लाल सिंह का गृह जिले कठुआ में आधार है और इस निर्वाचन क्षेत्र के डोडा, किश्तवाड़ और रामबन जिलों में कांग्रेस की अच्छी प्रतिष्ठा है।

इससे डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ उनका सीधा मुकाबला होगा। जबकि, गुलाम नबी आजाद की डेमोक्रेटिक प्रोग्रेस आजाद पार्टी (डीपीएपी) के उम्मीदवार गुलाम मोहम्मद सरूरी भी इस सीट से चुनाव लड़ेंगे। वह किश्तवाड़ के मूल निवासी हैं। ऐसे में इस सीट पर मुकाबला जबरदस्त होने वाला है।
 

विज्ञापन

पूर्व मंत्री चौधरी लाल सिंह - फोटो : अमर उजाला
छात्र नेता के तौर पर चौधरी लाल सिंह ने की थी सियासी सफर की शुरुआत

चौधरी लाल सिंह ने राजनीति की शुरुआत छात्र नेता के तौर पर की थी। वह तीन बार विधायक और दो बार सांसद रह चुके हैं। पहली बार 1996 में कठुआ की बसोहली सीट से कांग्रेस टिकट पर विधायक बने। 2002 में भी वह यहां से जीते और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और कांग्रेस की गठबंधन सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बने। स्वास्थ्य मंत्री बनने के दौरान भी वह खूब सुर्खियों में रहे।

उधमपुर की सीट से दो बार बने सांसद

इसके बाद साल 2004 और 2009 में उधमपुर की सीट से जीत कर लाल सिंह लोकसभा पहुंचे। साल 2014 में कांग्रेस की तरफ से टिकट न मिलने के चलते उन्होंने कांग्रेस से नाता तोड़ लिया। इसके बाद वह कठुआ में एक समारोह में तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की उपस्थिति में औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए।

भाजपा और पीडीपी सरकार में बने मंत्री

फिर 2014 में बसोहली से भाजपा के टिकट पर उन्होंने फिर जीत दर्ज की। तब जम्मू कश्मीर राज्य में भाजपा और पीडीपी ने मिलकर सरकार बनाई। वह एक बार फिर मंत्री बने। इस बार वह वन मंत्री बनाए गए।

2018 में कठुआ में नौ साल की बच्ची के दुष्कर्म और हत्या का मामले में एक रैली में शामिल होने पर चौधरी लाल सिंह पर आरोपियों को बचाने के आरोप लगे। विवाद के परिणामस्वरूप लाल सिंह ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद भाजपा और चौधरी लाल सिंह में दूरी बढ़ती गई।

पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए वह सीबीआई जांच की अपनी मांग पर अड़े रहे और इस मांग के लिए बड़ी-बड़ी रैलियां निकालीं। आगे चलकर उन्होंने खुद की पार्टी बनाई, जिसे डोगरा स्वाभिमान संगठन पार्टी नाम दिया। अभी वह भाजपा के खिलाफ आक्रामक नजर आते हैं। उन्होंने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का समर्थन किया था, लेकिन एक विवाद के चलते वह इस यात्रा से नदारद रहे। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें