शहर में गट्टू की डोरों पर प्रतिबंध लगाया गया है। त्योहार से पहले पुलिस ने बाजारों में चेकिंग की। पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। अक्सर बच्चे सस्ती डोर खरीद लेते हैं। ऐसे में लोगों की जान पर बन आती है।
हर साल छह से सात लोग होते घायल, दो से तीन होती मौत
हर साल छह से सात लोग बुरी तरह से जख्मी होते हैं। साथ ही दो से तीन लोगों की मौत भी हो जाती है। हर साल प्रतिबंध लगता है लेकिन दुकानदार पैसा कमाने के चक्कर में चाइनीज डोरों को ही बेचते हैं।
बस स्टैंड के पास बच्चा डोर की चपेट में आया था। सोमवार को बच्चे की मौत हो गई है। पुलिस बाजारों में चेकिंग कर रही है। लोगों की जान के साथ समझौता नहीं होगा। - जुगल किशोर, चौकी इंचार्ज, सरवाल