सांबा। कुलगाम में शिक्षिका रजनी बाला की हत्या और सरकार के खिलाफ लोगों का आक्रोश जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे पर उतर आया। रजनी बाला के गांव नानक चक में शवयात्रा शुरू होते ही कश्मीर से आए कुछ कर्मचारियों और स्थानीय युवकों ने कठुआ से जम्मू की तरफ हाईवे की एक लेन को जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे बीस मिनट तक जाम लग गया, जिसे वाहनों की लंबी कतार लग गई। बाद में पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन देकर यातायात बहाल करवाया।
नानक चक स्थित रजनी बाला के घर के पास से ही हाईवे गुजरता है। सुबह शव को अंत्येष्टि के लिए ले जाने लगे तो कश्मीर से आए कर्मियों और गांव के युवाओं ने सरकार के प्रति रोष जताना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी हाईवे पर उतर आए। उन्होंने कहा कि कुलगाम के मुख्य शिक्षा अधिकारी ने रजनी बाला को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने से इनकार कर दिया। मुख्य सचिव भी ऐसे हालात के लिए जिम्मेवार हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सभी अल्पसंख्यक कर्मचारियों को कश्मीर घाटी से बाहर स्थानांतरित किया जाए।
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ग्रामीण बोले - नानक चक में
रजनी बाला के नाम हो स्कूल
सांबा। प्रदर्शनकारियों ने रजनी बाला को श्रद्धांजलि स्वरूप नानक चक के स्कूल का नामकरण करने की मांग की। ग्रामीण नरिंदर कुमार ने कहा कि रजनी बाला जम्मू से कश्मीर जाकर कई वर्षों से बच्चों को पढ़ाती रहीं। उनका आतंकियों ने बेरहमी से कत्ल कर दिया। रजनी बाला शहीद हुई हैं, जिनके नाम से नानक चक के सरकारी स्कूल का नाम रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदू कर्मचारी कश्मीर में सुरक्षित नहीं हैं।
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रजनी के घर पहुंचे भाजपा नेताओं का परिजनों ने किया विरोध
सांबा। शिक्षिका रजनी बाला की हत्या से परिवार में सरकार के प्रति भी भारी रोष है। बुधवार को इस रोष का सामना भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना व सांसद जुगल किशोर शर्मा को भी करना पड़ा। इस दौरान रजनी के परिवार को उचित मुआवजा देने के अलावा बेटी की पढ़ाई का खर्च सरकार द्वारा करने की मांग भी उठाई गई।
भाजपा के दोनाें वरिष्ठ नेता जैसे ही शोक जताने पहुंचे तो परिवार वालों ने रोष जताना शुरू कर दिया। रजनी के ससुर ने कहा सुरक्षा दी गई होती तो हमारी बेटी हमसे जुदा न होती। उन्होंने जम्मू-कश्मीर प्रशासन के साथ केंद्र सरकार से भी नाराजगी जताई। भाजपा नेता उनके परिजनों के बीच बैठे सब सुनते रहे। हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस बाबत उचित कदम उठाएगी। रजनी के एक रिश्तेदार ने मांग उठाई कि रजनी के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए व बच्ची की शिक्षा का जिम्मा सरकार उठाए।