जम्मू। ‘साथ’ कार्यक्रम के तहत जेकेआरएलएम जम्मू-कश्मीर में 35000 से अधिक नौकरियां पैदा करेगा। इसके लिए महिला उद्यमियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं का विकास और आर्थिक सशक्तिकरण करना है। यह बात मिशन निदेशक जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन (जेकेआरएलएम) डॉ. सैयद सेहरिश असगर ने कही। उन्होंने कहा कि साथ का उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों में कौशल प्रदान करना और उनके छोटे व्यवसाय को बड़े उद्यम में बदलना है। ग्रामीण क्षेत्रों की एसएचजी महिला उद्यमियों को गहन क्षमता निर्माण कार्यशालाओं के माध्यम से सलाह और समर्थन प्रदान किया जाएगा। इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यावसायिक उपक्रमों को बढ़ावा मिलेगा। जम्मू संभाग के लिए चयनित ग्रामीण महिलाओं के साथ 21 सितंबर से जम्मू में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
बताया गया कि कार्यक्रम के लिए जम्मू-कश्मीर में 8085 आवेदन आए हैं। इनमें सबसे अधिक कश्मीर के बारामुला जिले से हैं। जम्मू संभाग से जिला डोडा से अधिक आवेदन मिले हैं। इनमें जम्मू संभाग से 244 और कश्मीर से 257 को उच्चतम उद्यम क्षमता वाले गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए चुना गया है। इसके अलावा 5000 उद्यमियों को ई-कामर्स बिक्री और ब्रांडिंग सहित विभिन्न व्यावसायिक क्षमता रणनीतियों से अवगत कराया जाएगा।
सेहरिश ने बताया कि 95 फीसदी आवेदकों ने राज्य के भीतर काम करने की सूचना दी, जबकि शेष 5 फीसदी ने राष्ट्रीय स्तर पर संचालन किया। 45 फीसदी आवेदकों ने बताया कि सही समर्थन मिलने पर वे आने वाले समय में 27000 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को रोजगार की पेशकश कर सकते हैं। 8000 आवेदक वर्तमान में लगभग 12 हजार कर्मचारियों को रोजगार दे रहे हैं। जेकेआरएलएम एक अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र बनाकर ग्रामीण महिमा उद्यमियों के लिए एक सक्षम वातावरण तैयार करेगा। साथ कार्यक्रम भारत एसएमई फोरम है, जो सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए एक राष्ट्रीय संसाधन संगठन है। कार्यान्वयन भागीदार के रूप में जम्मू संभाग के लिए चयनित ग्रामीण महिलाओं के साथ 21 सितंबर से जम्मू में कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।