लेह/जम्मू। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत दो जिलों से केंद्र शासित प्रदेश बने लद्दाख में जनसंख्या अनुपात की दृष्टि से सबसे ज्यादा मुलाजिम होंगे। लद्दाख की कुल आबादी तीन लाख से कम है जबकि सरकारी विभागों में साढ़े 22 हजार से ज्यादा पद हो गए हैं। भर्ती के लिए तकनीकी प्रक्रिया को पूरी करने के बाद अब लद्दाख प्रशासन बड़े पैमाने पर भर्ती शुरू करने जा रहा है।
लद्दाख प्रशासन के आयुक्त सचिव अजीत कुमार साहू ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से 11 हजार से ज्यादा पद विभाजन प्रक्रिया के तहत मिल चुके हैं। तीन हजार से ज्यादा पदाें का मामला विचाराधीन है। वर्तमान में लद्दाख के पास साढ़े 22 हजार से ज्यादा पद हो गए हैं। जनसंख्या अनुपात के लिहाज से लद्दाख देश के तमाम राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे ज्यादा मुलाजिमों में से होगा। साहू ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया चरणबद्ध चलेगी। जनसंख्या अनुपात के हिसाब से तकरीबन हर दूसरे घर में एक मुलाजिम हो जाएगा। 31 दिसंबर तक 1031 राजपत्रित और एक हजार से ज्यादा गैर राजपत्रित पदों की भर्ती प्रक्रिया को अंजाम दिया जाएगा।
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36 विभागों के भर्ती नियम तय
लद्दाख में रिकॉर्ड भर्ती से पूर्व जरूरी भर्ती नियमों को तय कर लिया गया है। 36 विभागों में भर्ती के नियम तय हो गए हैं, जबकि कुछेक विभाग ही बचे हैं। आयुक्त सचिव ने कहा कि लद्दाख में रेजीडेंट सर्टिफिकेट नियम लागू हो चुका है। आरक्षण नियम भी बन गए हैं। भर्ती नियमों के साथ सेवा ढांचा भी तैयार है। जिला स्तर की भर्ती जिला उपायुक्तों की अध्यक्षता में बने बोर्ड करेंगे जबकि मंडल और प्रदेश स्तरीय भर्ती स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की मंजूरी से अंजाम दी जाएगी।