जम्मू। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की गवर्निंग काउंसिल ने लाखों लोगों को राहत देते हुए योजना के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के डेटा को आधार बनाने की मंजूरी दे दी है। मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार की अध्यक्षता में आयोजित गवर्निंग काउंसिल की चौथी बैठक में यह फैसला लिया गया। अभी तक जनगणना (सोश्यो इकोनॉमिक कास्ट सेंसस) 2011 को आधार बनाया गया था। पिछले दस वर्ष में जो नए परिवार बने, आयुष्मान भारत योजना में उनके पंजीकरण में दिक्कतें आ रही थीं। गवर्निंग काउंसिल के फैसले से अब एनएफएसए के ताजा डेटा के तहत परिवारों का पंजीकरण हो सकेगा। वहीं, गवर्निंग काउंसिल ने कोरोना से होने वाली सेहत संबंधी समस्याओं और जटिलताओं समेत उपचार संबंधी कई अन्य मामलों को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा पैकेज में शामिल करने को मंजूरी दी है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग को सलाह दी है कि वह नेशनल हेल्थ अथॉरिटी से मेडिकल आन्कोलाजी में लक्षित उपचारों और इन्यूनोमाडयूलेटर्स को शामिल करने के साथ बच्चों में मल्टीपल इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम को संशोधित स्वास्थ्य लाभ पैकेज में शामिल करने पर विचार करने का अनुरोध करे।
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बीमा कंपनी से नया करार जल्द करने के निर्देश
जम्मू। गवर्निंग काउंसिल ने पीएम-जेएवाई और सेहत योजना के तहत निशुल्क व कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नई बीमा एजेंसी से समय पर अनुबंध के निर्देश दिए हैं। बैठक में बताया गया कि वर्तमान अनुबंध राज्य स्वास्थ्य एजेंसी और बजाज एलियांज जीआईसी के बीच है, जो 25 दिसंबर 2021 को खत्म हो रहा है। इस अवधि के खत्म होने से पूर्व ही नई एजेंसी से अनुबंध संबंधी निविदाएं की जाएंगी। वहीं, विभाग को वित्तीय लेनदेन में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वित्त विभाग से सभी खर्चों का आडिट करवाने को कहा गया। इसके लिए भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक से लेखा परीक्षकों को नियुक्त करने को कहा गया। जम्मू-कश्मीर में आयुष्मान जन आरोग्य योजना के तहत लाखों लोग स्वास्थ्य लाभ पा रहे हैं। इसमें बड़ी संख्या में लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इस योजना को आधिकारिक तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू किया था।