राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने चार दिवसीय प्रवास कार्यक्रम में हिंदू समाज की एकजुटता व वर्तमान व्यवस्था को मजबूत बनाने पर दिया बल। संघ प्रमुख को रेलवे स्टेशन में संघ के प्रमुख पदाधिकारियों ने विदाई दी और जल्द ही फिर प्रदेश का दौरा करने की कामना भी की।
राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत जम्मू कश्मीर के चार दिवसीय प्रवास के कार्यक्रम को पूरा कर नागपुर के लिए रवाना हो गए। प्रावास के दौरान एक मात्र सार्वजनिक कार्यक्रम और आंतरिक बैठकों के अलावा स्वयं सेवियों को संबोधन में भागवत ने जम्मू कश्मीर के लोगों के समक्ष साफ और स्पष्ट शब्दों में संघ का दृष्टिकोण रखा।
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उन्होंने वर्तमान व्यवस्था जोकि अनुच्देद 370 की समाप्ति के बाद बनी हैं। उसे मजबूत बनाने में संघ व सामान सोच वाले संगठनों को जुट जाने का आ़ह्वान करने के साथ साथ वर्तमान व्यवस्था का विरोध करने वालों को भी अपनी मानसिकता बदलने के लिए कह दिया।
संघ सूत्रों के अनुसार संघ प्रमुख ने आंतरिक बैठकों में साफ साफ निर्देश दिए कि वर्तमान व्यवस्था हमारे अनुकूल हैं इसलिए संघ कार्य का ज्यादा से ज्यादा विस्तार होना चाहिए। ऐसा वक्त फिर नहीं आने वाला हैं। इसलिए जम्मू संभाग के उन क्षेत्रों में भी संघ की गतिविधियों को तेज किया जाएं यहां पर भी संघ कार्य धीमा हैं।
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कश्मीर में भी संघ कार्य शुरू करने की संभावनाओं को तलाशने के लिए कहा गया हैं। संघ प्रमुख को रेलवे स्टेशन में संघ के प्रमुख पदाधिकारियों ने विदाई दी और जल्द ही फिर प्रदेश का दौरा करने की कामना भी की।
अपने अति व्यस्त प्रवास के दौरान संघ प्रमुख ने पचास हजार से ज्यादा स्वयं सेवियों को एक ही समय पर वर्चुअल माध्यम से संबोधित करने के अलावा दो अक्तूबर को प्रबुद्धजनो की विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए खुले मन से संघ की गतिविधियों व भारत को मजबूत बनाने के लिए संघ का दृष्टिकोण सबसे सामने रखा।