प्रदेश में व्याप्त बिजली संकट के बीच शुक्रवार को दी गई दो सौ मेगावाट अतिरिक्त बिजली भी लोगों को किसी प्रकार की राहत नहीं दे सकी। दिनभर लंबे-लंबे कट लगते रहे। बिजली आपूर्ति बाधित होने का सीधा असर जलापूर्ति पर भी पड़ा। दूसरी ओर बिजली-पानी को लेकर प्रदेश में जगह-जगह प्रदर्शन भी हुए। 100 मेगावाट अतिरिक्त बिजली से कट लगने की संख्या थोड़ी कम रही।
शुक्रवार को सौ मेगावाट अतिरिक्त बिजली दी गई
बिजली विभाग के अनुसार, बिजली की अतिरिक्त जम्मू संभाग में पहले से से दी जा रही छह सौ मेगावाट के अलावा शुक्रवार को सौ मेगावाट अतिरिक्त बिजली दी गई। यहां कुल उपलब्धता 700 मेगावाट हो गई परंतु कुल मांग (1500 मेगावाट) की तुलना में यह आधी भी नहीं थी। इसी तरह कश्मीर में सात सौ मेगावाट की नियमित आपूर्ति के अलावा सौ मेगावाट अतिरिक्त बिजली दी गई।
शहरी इलाकों में बिजली कट आधे से दो घंटे के लगे
कुल आपूर्ति 800 मेगावाट हो गई। जो शुक्रवार को यहां की मांग (1700 मेगावाट) का आधा भी नहीं थी। इसके कारण शहरी इलाकों में बिजली कट आधे से दो घंटे के लगे। वहीं, ग्रामीण इलाकों में लंबे बिजली कट लगते रहे। इस कारण पानी की आपूर्ति प्रभावित रही।
दो सौ मेगावाट बिजली अतिरिक्त मिली है। जम्मू संभाग में 700 मेगावाट बिजली दी गई है। कम समय के लिए कट लगे हैं। समस्या का निदान किया जा रहा है। - शिव आनंद त्याल, एमडी, बिजली कारपोरेशन
गांवों में बिजली कटौती पर पंचायत प्रतिनिधि भी मुखर
सीमावर्ती क्षेत्र परगवाल हो या नगरोटा का डंसाल हर जगह बिजली कटौती को लेकर हाहाकार मची है। शुक्रवार को इसके विरोध में सरपंचों और पंचों ने भी जम्मू पहुंचकर प्रेस क्लब के बाहर रोष रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोज 18 से 20 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है। इस वजह से पेयजल आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित है।
ऐसा बिजली संकट जम्मू संभाग में पहले कभी नहीं हुआ
ऑल जम्मू-कश्मीर पंचायती कांफ्रेंस के बैनर तले पंचायत प्रतिनिधियों ने उप राज्यपाल प्रशासन पर आरोप लगाया कि ऐसा बिजली संकट जम्मू संभाग में पहले कभी नहीं हुआ। मौके पर देसराज भगत, रिंकू लांघा, रवींद्र सिंह, बलवीर सिंह, सुरजीत सिंह, राजकुमार, हरविंद्र सिंह, देव दत्त, मनोज कुमार, कुलबीर सिंह, प्रीतम चंद, मोहम्मद रफीक और मुश्ताक अहमद मौजूद रहे।