जम्मू-कश्मीर के अवंतीपोरा में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच चल रही मुठभेड़ में अभी तक दो दहशतगर्दों का खात्मा किया जा चुका है। मारे गए आतंकियों की अभी शिनाख्त नहीं हुई है। सुरक्षा बलों की संयुक्त की टीम इस ऑपरेशन को अंजाम दे रही है। जिसमें पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की टीमें शामिल हैं। मारे गए हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों में से एक की पहचान ख्रिव के मुसैब मुस्ताक के रूप में हुई है। वह लुरगाम में जाविद अहमद मलिक की हत्या में शामिल था। साथ ही दक्षिण कश्मीर में नागरिक हत्याओं के लिए जिम्मेदार था। दूसरे आतंकी की पहचान पुलवामा के चकुरा निवासी मुजामिल अहमद राथर के रूप में हुई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम का जम्मू-कश्मीर दौरा: विजयपुर में बन रहे एम्स की तैयारियों का लिया जायजा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम जम्मू-कश्मीर के दौरे पर है। टीम में शामिल सदस्यों ने स्थानीय अधिकारियों से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर पूरी जानकारी ली। बताया जा रहा है कि जम्मू और कश्मीर संभाग में स्थित सभी अस्पतालों और वहां मिलने वाली सुविधाओं के बारे में विस्तार से जाना। शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्रालय की एक टीम जम्मू-कश्मीर पहुंची।
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मौत का खौफ: सेब के बागानों से लेकर टॉयलेट सीट के नीचे छिपते हैं आतंकी, हैरान कर देंगे इनके ठिकाने
जम्मू-कश्मीर के शांतिपूर्ण माहौल को खराब करने के लिए आतंकी तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं। हमलों को अंजाम देने से पहले रहने के लिए ऐसी जगहों को चुनते हैं, जिसकी किसी को भनक न लगे। लेकिन सुरक्षाबलों की मुस्तैदी के चलते आतंकियों की साजिश कामयाब नहीं हो पाती। गौरतलब है कि आतंकी किसी हमले को अंजाम देने से पहले ठिकाना तलाश करते हैं। ठिकाना ऐसा हो, जिस पर किसी की नजर न पड़े। इसके लिए कई बार आतंकी भूमिगत ठिकाने बनाते हैं। जिस पर घास और झाड़ियां रखी होती हैं। एक नजर में इन ठिकानों का पता लगा पाना काफी कठिन होता है।
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जम्मू-कश्मीर: भारतीय सीमा में घुसे तीन बच्चों को खिलौने और अन्य सामान देकर पाकिस्तान भेजा गया
पुंछ जिले में भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा के गुलपुर सेक्टर में भारती क्षेत्र में घुसपैठ कर भारतीय क्षेत्र में पहुंचे तीन नाबालिगों को पाकिस्तानी अधिकारियों को सौंप दिया गया। तीनों से सेना और अन्य एजेंसियों ने भारतीय क्षेत्र में आने के बारे में पूछताछ की। इसके बाद उन्हें खिलौने और अन्य सामान देकर पाकिस्तान को सौंप दिया। केजी ब्रिगेड के कमांडर ने बताया कि तीनों बच्चों को पाकिस्तानी अधिकारियों को सुरक्षित सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि सीमा पर जवान सतर्क हैं। वह हर स्थिति से निपटने में सक्षम हैं।
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जम्मू-कश्मीर: शिक्षक ने मेहनत से बदल दी स्कूल की तस्वीर, बच्चों के प्रवेश के लिए माता-पिता करते हैं मिन्नत
जम्मू-कश्मीर अक्सर आतंकियों की खबरों की वजह से सुर्खियों में रहता है। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद यहां के हालात बदलने लगे हैं। इसका उदाहरण है रियासी जिले का एक सरकारी स्कूल। यहां पढ़ाने वाले शिक्षक पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बन गए हैं। उनकी लगन और मेहनत देखकर लगता है कि अगर ईमानदारी से कार्य किया जाए तो कुछ भी असंभव नहीं।
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