5 अगस्त को अनुच्छेद 370 निरस्त होने की बरसी और स्वतंत्रता दिवस पर आतंकी हमला हो सकता है। वहीं 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 निरस्त होने की बरसी और स्वतंत्रता दिवस पर आतंकी हमला हो सकता है। साथ ही किश्तवाड़ में दच्छन तहसील के होंजड़ गांव में कुदरत के कहर से बच निकले रुस्तम अली और एजाज अहमद ने गुरुवार को होश में आने पर अपनी दास्तां सुनाई।
5 अगस्त को अनुच्छेद 370 निरस्त होने की बरसी और स्वतंत्रता दिवस पर आतंकी हमला हो सकता है। जिसको देखते हुए जम्मू में हाई अलर्ट जारी किया गया है। खुफिया इनपुट है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा आईईडी लगाकर जम्मू शहर में हमले की योजना बना रहे हैं। जिसमें धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की साजिश है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें....
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5 अगस्त को अनुच्छेद 370 निरस्त होने की बरसी और स्वतंत्रता दिवस पर आतंकी हमला हो सकता है। जिसको देखते हुए जम्मू में हाई अलर्ट जारी किया गया है। खुफिया इनपुट है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा आईईडी लगाकर जम्मू शहर में हमले की योजना बना रहे हैं। जिसमें धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की साजिश है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें....
किश्तवाड़ में दच्छन तहसील के होंजड़ गांव में कुदरत के कहर से बच निकले रुस्तम अली और एजाज अहमद ने गुरुवार को होश में आने पर अपनी दास्तां सुनाई। दोनों ने बताया कि बादल फटने के बाद उनके गांव में प्रलय आ गई। किसी को कुछ समझ नहीं आया कि अब क्या करना है। होश संभालने के बाद पहले अपने बच्चों को बचाने का प्रयास किया। कुछ को बचाने में कामयाब रहे, लेकिन कुछ मलबे के साथ बह गए और अभी तक उनका कुछ पता नहीं है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें....
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बादल फटने के बाद किश्तवाड़ में दच्छन क्षेत्र के होंजड़ में पांच किलोमीटर तक मलबे के ढेर लग गए हैं। करीब एक हजार कनाल जमीन तबाह हो गई है। इस क्षेत्र में फसलों का नामोनिशान नहीं है। इसी बीच, बादल फटने की घटना के दूसरे दिन वीरवार को भी बचाव अभियान जारी रहा। एयरलिफ्ट कर पहुंचाई गईं एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी दिन भर मलबे में जिंदगियों की तलाश करती रहीं। 24 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी लापता 19 लोगों का कोई पता नहीं चल सका है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें....
आतंकवाद को जिंदा रखने के लिए पाकिस्तान ड्रग तस्करी को बढ़ावा दे रहा है। इसके जरिए न सिर्फ आतंकियों के लिए घुसपैठ और उन तक हथियार पहुंचाने के नए रूट तलाशे जा रहे हैं, बल्कि युवाओं को खोखला भी किया जा रहा है। आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा और हिजबुल मुजाहिद्दीन पाकिस्तान की इस नई रणनीति को अंजाम दे रहे हैं। इसके पीछे पूरी साजिश पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की है। पाकिस्तानी सेना और रेंजर भी इसमें पूरी मदद कर रहे हैं।पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें....