जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। काउंसिल खेल ढांचे के विकास का ढोल पीटती फिरती है, लेकिन जमीनी सच्चाई इसके काफी विपरीत है। इसकी तस्वीर मिनी स्टेडियम परेड के फुटबॉल मैदान में दिखती है। मैदान पर सिंथेटिक टर्फ नहीं बिछने से खिलाड़ी मैदान से दूर होते जा रहे हैं।
परेड में फुटबॉल मैदान पर जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल को टर्फ बिछाना था। पांच करोड़ की लागत से सिंथेटिक टर्फ बिछाने का काम हैदराबाद की एक कंपनी को सौंपा था। कंपनी ने फरवरी में काम शुरू करने के नाम पर मैदान में टर्फ के बड़े-बड़े बंडल, बजरी, रेत, मिट्टी रख दी, जिससे खिलाड़ी मैदान से दूर हो गए। मैदान में बारिश का पानी जमा होने लगा, जिससे कीचड़ हो गया।
कंपनी द्वारा काम शुरू नहीं करने से खिलाड़ी मैदान पर अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। परेड मैदान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकबालों में उपयोग होने वाल टर्फ को लगाया जा रहा है। हालांकि, टर्फ बिछाने में हो रही देरी खिलाड़ियों के हित में नहीं है। स्पोर्ट्स काउंसिल की सचिव नुजहत गुल से बात करने की कोशिश तो उन्होंने इस कोई टिप्पणी नहीं की।
यह भी पढ़ें- जम्मू नगर निगम: मेयर फिर सुर्खियों में, कहा-शादी के समय दुल्हन से हुईं शर्तें पूरी नहीं होतीं
खिलाड़ी बोले-
कोरोना से पहले से ही मैदान पर बजरी और टर्फ के बंडल रखे गए हैं। मैदान पर पानी जमा हो जाता है, जिससे फिसलन बन गई है। मैदान में न तो टर्फ बिछ रहा है और न ही हम अपना अभ्यास कर पा रहे हैं। मैदान पर जल्द टर्फ बिछाने का काम शुरू होना चाहिए।
-इशांक, खिलाड़ी
मैदान की हालात काफी खस्ता है, लंबे समय से सुनते आ रहे है कि मैदान में टर्फ बिछाना है, लेकिन अभी तक नहीं बिछ पाया है। अगर टर्फ बिछाने में देरी करनी थी, तो मैदान पर बजरी व अन्य सामान नहीं डालते। इससे हम मैदान पर खेल नहीं पा रहे हैं।
-अंश, खिलाड़ी