सूत्रों का कहना है कि गृहमंत्री अमित शाह के दौरे से पहले आतंकियों ने श्रीनगर को दहलाने की साजिश रची है। इसी के तहत आतंकी हमला कर लोगों में खौफ पैदा करने चाहते थे, जिसे सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया।
जम्मू-कश्मीर की शांति भंग नहीं होने देंगे : डीजीपी
जम्मू-कश्मीर की शांति किसी को भी भंग नहीं करने देंगे। आतंकियों का टारगेट किलिंग का मकसद सांप्रदायिक दरार पैदा करना है, जिसे पूरा नहीं होने दिया जाएगा। यह बात वीरवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक दिलबाग सिंह ने श्रीनगर के जेवन स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में पुलिस शहादत दिवस के मौके पर कार्यक्रम में कही। उन्होंने शहीद पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि दी।
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डीजीपी ने कहा कि आतंकियों ने पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के इशारों पर घाटी में नागरिकों और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की हत्याएं कर शांति भंग करने की कोशिश की है। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों और उनके आकाओं के मंसूबों को विफल करने के लिए तेजी से कार्रवाई की है।
कहा कि ऐसे हमले रोजमर्रा की जिंदगी के ऊपर भी हमला हैं, जो लोग अपनी जिंदगी को बेहतर करना चाहते हैं, अपने बच्चों के भविष्य को संवारना चाहते हैं, वे आगे न बढ़ पाएं उसको रोकने की एक साजिश है। इस साजिश का न सिर्फ जम्मू-कश्मीर पुलिस बल्कि अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी मुंहतोड़ जवाब देंगी।
डीजीपी ने यह भी कहा कि उन्हें फख्र है अपने जवानों पर, जिन्होंने देश के लिए अपनी जान न्योछावर की। साथ ही उन परिवारों और उनके हौसले पर भी फख्र है, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। हम उनके साथ हमेशा खड़े रहेंगे। कहा कि पिछले एक साल में 377 पुलिस जवानों ने ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी है, इन्हें हम श्रद्धांजलि देते हैं।