भौगोलिक परिस्थितियों की वजह से पुंछ का एलओसी से लगता इलाका काफी संवेदनशील है। गुलपुर, सलोत्री, चक्कां दा बाग आदि इलाकों से घने जंगलों के रास्ते घुसपैठ करना आसान होता है। वर्ष 2002 के आसपास अफगानी व सूडानी आतंकियों की पुंछ के इलाके में मौजूदगी भी रही है। कश्मीर के आईजी विजय कुमार का कहना है कि तालिबानी खतरे से निपटने में सुरक्षाबल पूरी तरह सक्षम हैं। हम इसके लिए सभी प्रकार की तैयारियां कर रहे हैं।
सीमा पार की हलचल, तालिबान पर पूरी नजर
सुरक्षा एजेंसी से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इंटेलिजेंस ग्रिड को और मजबूत किया गया है। सीमा पार और तालिबान की गतिविधियों पर पूरी नजर रखी जा रही है। कश्मीर में एलओसी से लगते इलाके से अभी हलचल की सूचना नहीं है। वैसे भी लॉंचिंग पैड सक्रिय हैं। सरहद की सुरक्षा में लगे जवानों को अतिरिक्त मुस्तैद रहने को कहा गया है।