कश्मीर में सुरक्षाबलों ने आतंकियों की साजिश को नाकाम किया है। अनंतनाग के नल्लाहा फथपोरा इलाके में आईईडी(इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बरामद हुई है। जिसे निष्क्रिय करने के लिए बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया। इस दौरान कुछ देर के लिए इलाके में लोगों की आवाजाही रोक दी गई।
बीते सप्ताह बारामुला-कुपवाड़ा हाई-वे और पुंछ में रची गई थी साजिश
गुरुवार को सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की दो साजिशें नाकाम की गई थीं। बारामुला-कुपवाड़ा हाई-वे और पुंछ के सुरनकोट तहसील में प्लांट आईईडी को बरामद की गई थी। उत्तरी कश्मीर में बारामुला-कुपवाड़ा हाई-वे पर सड़क किनारे ट्रगपोरा व चाकलो के बीच शादीपोरा में आतंकियों ने आईईडी प्लांट कर रखी थी। सुबह सेना के काफिले के लिए रोड ओपनिंग पार्टी (आरओपी) डॉग स्क्वायड के साथ छानबीन कर रही थी। इसी दौरान टीम में शामिल लांस नायक एसके यादव ने शादीपोरा के पास संदिग्ध वस्तु देखी। स्क्वायड में शामिल बम निरोधक कुत्ते बीरो ने संदिग्ध वस्तु को सूंघने के बाद विस्फोटक होने का संकेत दिया।
यह भी पढ़ें-
ऑपरेशन भाटादूड़ियां: मुठभेड़ स्थल से हथियार और गोला-बारूद बरामद, आतंकियों तक कैसे पहुंच रही हैं ये चीजें
इसके बाद पूरे इलाके में वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। 40 बटालियन बीएसएफ, 92 बटालियन सीआरपीएफ, एसओजी तथा 32 राष्ट्रीय राइफल्स की ओर से तत्काल मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी गई। आईईडी की पुष्टि होने के बाद 32 राष्ट्रीय राइफल्स के सीओ कर्नल बीएस खंदारे, इंजीनियरिंग प्लाटून के सूबेदार रंजू व 169 बम निरोधक बटालियन ने आईईडी को निष्क्रिय किया। लगभग छह घंटे बाद हाई-वे को आवागमन के लिए खोला गया। पुंछ जिले के सुरनकोट तहसील के रतनपीर इलाके में भी कच्चे रास्ते पर प्लांट की गई साढ़े तीन किलो की आईईडी बरामद कर निष्क्रिय किया गया। आतंकियों ने इस रास्ते पर पेट्रोल करने वाले सेना के जवानों को निशाना बनाने के लिए इसे प्लांट किया था।