कोविड महामारी के बाद देश विदेश के पर्यटकों को जम्मू-कश्मीर में लाने के लिए उचित प्रयास किए जा रहे हैं। इस साल भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित ऑक्ट्राय बीओपी पोस्ट पर वाघा बार्डर की तर्ज पर रिट्रीट सेरेमनी शुरू की गई है। साथ ही आरएस पुरा स्थित घराना वेटलैंड भी प्रवासी पक्षियों के साथ पर्यटकों के लिए तैयार है। इन दोनों पर्यटन स्थलों पर पर्यटक रिट्रीट सेरेमनी के अलावा प्रवासी पक्षियों को पास से निहार सकेंगे।
गर्मियों की दस्तक होने पर दोबारा मूल स्थानों पर लौट जाते हैं। ये पक्षी हिमालय को पार करके यहां आते हैं। घराना देशभर में ऐसा वेटलैंड है, यहां बिल्कुल करीब से प्रवासी पक्षियों को देखने का मौका मिलता है।
पक्षियों को पसंद आ रही यहां की आबोहवा
नवंबर के आखिरी सप्ताह में घराना वेटलैंड पर प्रवासी पक्षियों का पहुंचना शुरू हो जाएगा। इसके लिए वेटलैंड की साफ सफाई और अन्य गतिविधियां की जा रही हैं। वेटलैंड पर हर साल नए पक्षी पहुंच रहे हैं, जिससे साफ है कि उन्हें इस वेटलैंड की आबोहवा और वातावरण पसंद आ रहा है। इन पक्षियों की निरंतर निगरानी की जाती है। इससे पर्यावरण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।विज्ञापन
-अनिल अत्री, वार्डन, वन्य जीव, जम्मू