दिपावली से एक दिन पहले 22 अक्तूबर को नरवाल मंडी के बाहु कोल्ड स्टोरेज में लगी आग की तपिश चार दिन बाद भी ठंडी नहीं हुई। शनिवार को भी दमकल कर्मी स्टोरेज के अंदर नियंत्रण पाने का प्रयास करते रहे, जबकि उसकी सातवीं और आठवीं मंजिल से लगातार धुआं निकलता रहा।
जानकारों के अनुसार कोल्ड स्टोरेज की आग रियासत की सबसे बड़ी आग में से एक है। कई वर्ष पहले कनाल रोड स्थित एक कोल्ड स्टोरेज में भी ऐसी ही आग लगी थी, लेकिन उस पर काबू पा लिया गया था। इससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। जबकि नरवाल मंडी में हुई आग की घटना में सबसे ज्यादा नुकसान होने के अलावा उस पर नियंत्रण पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
शनिवार को दिनभर फायर ब्रिगेड के कर्मी आग की तपिश कम करने में जूझते रहे। हालांकि इस दौरान उन्हें स्टोरेज के अंदर जमा ड्राई फ्रूट की आग तक पहुंचने में फायरकर्मी सफल रहे। फायरकर्मियों का कहना है कि अगले 24 घंटों में आग की तपस पूरी तरह काबू पा लिया जाएगा। अभी तक आग से हुए नुकसान का जायजा नहीं लिया जा सका है। तपस पर आगू पाने के बाद ही अंदर जमा राख को बाहर निकाल जा सकेगा।