नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डा फारूक अब्दुल्ला ने कहा हैं कि भारत और पाकिस्तान को जम्मू कश्मीर में शांति के लिए वार्ता करनी चाहिए। धमकियां देने से कुछ हासिल होने वाला नहीं हैं। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के बयान की पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर को हासिल करना केंद्र सरकार का अगला एजेंडा पर डॉ. फारूक अब्दुल्ला के डिग्याना आश्रम जम्मू में उनके महंत मंजीत सिंह के हालचाल पूछने के लिए पहुंचने के दौरान पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में अब्दुल्ला ने यह जवाब दिया।
आतंकवाद कोई नई बात नहीं
उन्होंने कहा दिल की दूरी और दिल्ली की दूरी को कम करना अगर केंद्र सरकार चाहती हैं तो उसे जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा के साथ साथ स्वायत्तता को भी वापिस करना चाहिए। कश्मीर में टारगेट किलिंग पर पूछे गए सवाल पर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू कश्मीर में आतंकवाद कोई नई बात नहीं हैं। जम्मू कश्मीर के लोगों का दिल जीत कर ही सभी मुद्दों का हल हो सकता हैं।
नेकां चुनाव के लिए तैयार
हैदरपोरा मुठभेड़ की न्यायिक जांच हो
परिसीमन आयोग के कार्य पर पूछे गए सवाल पर अब्दुल्ला ने कहा कि प्रदेश के पांच सांसदों जिसमें तीन नेकां व दो भाजपा के हैं। उनसे अंतिम बैठक के बाद परिसीमन आयोग अपनी रिपोर्ट दे सकता हैं। 15 नवंबर कोनेकां चुनाव के लिए तैयार पर उन्होंने न्यायायिक जांच की मांग की ताकि सच्चाई सबके सामने आ सकें।