जम्मू। दिवाली से पूर्व धनतेरस की खरीदारी के लिए बाजार सजने लगे हैं। बर्तन, ज्वैलरी, ऑटो मोबाइल, कपड़ा, इलेक्ट्रानिक बाजार में ग्राहकों को लुभाने के लिए कई तरह की छूट दी गई है। धनतेरस पर बर्तन की खरीदारी को शुभ माना जाता है, लेकिन इस बार ग्राहकों को इसकी खरीदारी के लिए जेब थोड़ी ढीली करनी होगी। पिछले साल की तुलना में इस साल रिटेल स्टील और एल्मूनियम के बर्तनों की कीमतों में 25 से 35 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। हालांकि इस व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों को उम्मीद है कि धनतेरस के नजदीक बाजार में रौनक बढ़ेगी।
स्टील, एल्युमीनियम सहित अन्य बर्तन पदार्थों के दाम में बढ़ोतरी का कारण सरकार द्वारा कंटेनर स्क्रेप पर कच्चे माल पर कर को बढ़ाना बताया जा रहा है। धनतेरस पर खरीदारों के लिए बर्तन बाजार को सजाया जा रहा है। शहर के मोती बाजार, राज तिलक रोड, गुम्मट चौक, कर्ण मार्केट, गांधीनगर, शास्त्रीनगर, तालाब तिल्लो और जानीपुर आदि बाजारों में खुदरा और थोक बर्तन की दुकानें सजी हुई हैं। कोविड महामारी के चलते इस साल भी दुकानदार मांग के मुताबिक ही माल डलवा रहे हैं।
इस बारे साढ़े चार सौ में मिल रहा एल्युमीनियम का पतीला
रिटेल बाजार में बर्तनों की कीमतों की बात करें तो पिछले साल एल्युमीनियम का पतीला 300 रुपये प्रति किलो बिका था, जो इस बार 450 रुपये तक उपलब्ध है। इसी तरह स्टील का पतला 300 रुपये प्रति किलो की तुलना में इस बार 450 रुपये में रिटेल में बिक रहा है। कूकर पांच लीटर 500 रुपये की जगह 700 रुपये में बिक रहा है। फैंसी ग्लास (छह सेट) 250-300 रुपये के बजाय 400 रुपये, फैंसी चमच (एक दर्जन) 100 रुपये के बजाय 180 रुपये, स्टील की थाली प्रति किलो 250 रुपये के बजाय 350 रुपये, एल्मूनियम की कढ़ाई 300 रुपये प्रति किलो के बजाय 400 रुपये किलो, ड्रम स्टील 180 प्रति किलो के बजाय 250 रुपये, ढूंगा सेट सामान्य 350 रुपये के बजाय 550 रुपये में बिक रहा है।
ढाई सौ रुपये महंगा मिल रहा पीतल का जग
पीतल 500 रुपये प्रति किलो के बजाय 750 रुपये, तांबा (कॉपर) जग 400 रुपये के बजाय 650 रुपये बिक रहा है। मोती बाजार में बर्तन का रिटेल कारोबार करने वाले दीपू ने बताया कि धनतेरस पर बर्तन को दिल्ली, अहमदाबाद, मुंबई आदि से मंगवाया जा रहा है। मौजूदा बाजार में मंदी है, लेकिन उम्मीद है कि दिवाली और धनतेरस पर इसमें तेजी आएगी।