DGP Dilbagh singh: डीजीपी ने कहा कि इस स्थिति का श्रेय मैं आम लोगों को देता हूं और उनके प्रति आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने कहा कि घुसपैठ रोधी ग्रिड को मजबूत किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप सीमाओं पर घुसपैठ लगभग नहीं के बराबर रह गई है। कुल मिलाकर, सीमा पर स्थिति पहले की तुलना में बहुत बेहतर है।
जम्मू-कश्मीर में पहले की तुलना में फिलहाल स्थिति काफी बेहतर हुई है, आतंकी घटनाओं में कमी आई है। हालांकि नियंत्रण रेखा पर आतंकी शिविर अब भी मौजूद हैं और आतंकवादियों को कश्मीर घाटी में भेजने के भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। यह बात के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने रविवार को यहां एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के साथ बातचीत में कही।
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डीजीपी ने कहा कि इस स्थिति का श्रेय मैं आम लोगों को देता हूं और उनके प्रति आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने कहा कि घुसपैठ रोधी ग्रिड को मजबूत किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप सीमाओं पर घुसपैठ लगभग नहीं के बराबर रह गई है। कुल मिलाकर, सीमा पर स्थिति पहले की तुलना में बहुत बेहतर है। अब चूंकि सीमापार कर जमीन से हथियारों की तस्करी संभव नहीं रह गई इसलिए दुश्मन हथियार भेजने लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं।
ड्रोन का इस्तेमाल एक चुनौती बन गया है, लेकिन हम इससे बखूबी लड़ रहे हैं। पिछले दो वर्षों में इसमें शामिल बड़े मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया है और हथियारों और नशीले पदार्थों जैसी अधिकांश वस्तुओं को जब्त कर लिया गया है। डीजीपी ने कहा कि हम इस पर कड़ी कार्रवाई करेंगे और इस चुनौती से पार पाएंगे।
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डीजीपी ने कहा, आज छात्र बिना किसी डर के स्कूल जा रहे हैं, कर्मचारी बिना किसी डर के अपने कार्यालयों में जा रहे हैं, व्यापारी बिना किसी डर के अपना व्यवसाय कर रहे हैं। दैनिक जीवन सामान्य रूप से चल रहा है। किसी भी तरह से कोई रुकावट नहीं है और इसके लिए सभी लोग, लोग, सुरक्षा बल मिलकर काम कर रहे हैं। इसलिए सुरक्षा की स्थिति काफी बेहतर है और हम इसे और बेहतर करेंगे।
घाटी में आतंकवाद में कमी आई है। आतंकी तंजीमों को युवा नहीं मिल रहे हैं। एलओसी के पार आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि लॉन्च पैड बरकरार हैं। कश्मीर सहित उन लोगों को धकेलने का भारी दबाव है, जो लंबे समय से वहां रह रहे हैं।