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उपजिले में गुरू रविदास प्रकाशेत्सव हर्षउल्लास से मनाया गया

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अखनूर में रविदास जयंती पर निकाली गई शोभा यात्रा।
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आरएस पुरा/ मीरां साहिब। श्री गुरु रविदास का प्रकाशोत्सव बुधवार को धूमधाम तथा श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम गुरु रविदास मंदिर में आयोजित किया गया। इसमें सैकड़ों की संख्या में लोगों ने मंदिर में पहुंचकर माथा टेका और आशीर्वाद लिया।
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इससे पहले सभा की तरफ से सुबह कस्बे में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, और मंदिर में ध्वजारोहण भी किया गया। इस मौके पर सभा के प्रधान अजय कुमार ने सभी देशवासियों को श्री गुरु रविदास के प्रकाशोत्सव की मुबारकबाद दी और कहा कि हर साल सभा की तरफ से श्री गुरु रविदास का प्रकाशोत्सव धूमधाम तथा श्रद्धा पूर्वक तरीके के साथ मनाया गया। उन्होंने गुरु रविदास के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महाराज ने समाज में फैली बुराइयों को दूर किया तथा जातपात जैसी गलत धारणाओं से समाज को बाहर निकाल एक नया रास्ता दिखाया। उन्होंने कहा कि हमें गुरु रविदास द्वारा दिखाए मार्ग पर चलकर समाज की भलाई के लिए कार्य करने का आह्वान किया। इस वर्ष भी सरकार द्वारा जारी सभी नियमों का पालन करते हुए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस दौरान कांग्रेस नेता करण भगत, नगर पालिका आरएस पुरा की पूर्व चेयरमैन सुनीता रानी ने सभी देशवासियों को गुरु प्रकाश उत्सव की मुबारकबाद दी और कहा कि जगत गुरु रविदास का प्रकाशोत्सव पूरे विश्व में श्रद्धा पूर्वक तथा धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। इस दौरान सत्संग का आयोजन भी हुआ तथा भंडारा आयोजित किया गया। इस मौके पर सभा के उपप्रधान बुआ दीता, कोषाध्यक्ष रवि कुमार, महासचिव पुरुषोत्तम लाल, पूर्व प्रधान सुदेश कुमार गोगी, रमेश लाल अत्री, चमनलाल अत्री, मोहनलाल कुंडल, जनक राज तथा वेद राज सहित सभा के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
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मीरां साहिब क्षेत्र सहित गांव मरालिया, वाला चक्क,, चक्क इस्लाम, फिंदड, ठकिरियां आदि में गुरू के प्रकाशोत्सव पर भक्तजनों ने गुणगान करने के साथ मंदिरों में माथा टेका व आशीर्वाद लिया।
गुरु रविदास के विचार सभी को प्रेरित करते रहेंगे
अखनूर में भजन कीर्तन के साथ निकाली गई शोभायात्रा
संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। संत शिरोमणी श्री गुरु रविदास की जयंती पर कस्बे में शोभायात्रा निकाली गई। शोभा यात्रा की अगुवाई रविदास सभा के प्रधान मनोज कुमार ने की। सुंगल मोड़ से शुरू हुई शोभायात्रा निर्दोष चौक, बस अड्डा, मेन चौक से होकर गुजरी। शोभायात्रा में संत रविदास के जीवनी पर आधारित प्रस्तुति की।
शोभायात्रा के आगे ढोल नगाड़ों पर युवाओं ने नाचकर गुणगान किया। पीछे महिलाएं भजन कर रही थीं। बाइक पर श्रद्धालु जयघोष लगा रहे थे। एसएसपी मोहनलाल भगत विशेष रूप से मौजूद रहे। शोभायात्रा रविदास मंदिर में आकर खत्म हुई। जहां सत्संग के साथ पूजा अर्चना की गई। भंडारा भी लगाया गया। मुख्य अतिथि एसएसपी मोहन लाल भगत ने कहा कि गुरु रविदास के विचार सभी को समानता का समाज बनाने के लिए प्रेरित करते रहेंगे। उन्होंने बताया कि गुरु की शाश्वत शिक्षाएं मानवता को नेक और समानता का जीवन जीने के लिए निर्देशित करती हैं। उनके जाति, रंग और पंथ के आधार पर सभी भेदभाव को समाप्त करने के आदर्श हमारे लिए न्यायपूर्ण और बराबरी का समाज बनाने के लिए प्रेरणास्रोत हैं। एसएसपी मोहन लाल ने कहा कि संत रविदास देश के उन चुनिंदा महापुरुषों में से एक हैं, जिन्होंने अपने वचन से सारे संसार की एकता और समरसता पर जोर दिया।
इस अवसर पर डीएसपी कमल भगत, उप प्रधान बचन लाल, देवराज भगत, रतनलाल, उपाध्यक्ष गिरधारी लाल, सचिव बचन लाल, खजांची केवल कुमार सहित कई गणमान्य मौजूद थे।
महान पुरुषों से सभी को सीख लेने की जरूरत
विजयपुर। छनी मनासा गुरु रविदास मंदिर में संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती धूमधाम व श्रद्धा से मनाई गई। इस दौरान उनके चित्र पर माल्यार्पण किया गया। उनके कृत्यों और व्यक्तित्व पर चर्चा की। कहा कि ऐसे संत पुरुष समाज के लिए अपनी छाप छोड़ रखी है। ऐसे महान पुरुषों से सभी को सीख लेने की जरूरत है। सत्संग में गुरु रविदास के जीवनी पर विस्तार से प्रकाश डाला और उपस्थित श्रद्धालुओं को उनके द्वारा बताए गए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। गुरुवाणी में लिखा है वाणी-वाणी गुरु है, वाणी-वाणी गुरु का स्वरूप है। संवाद
गुरु रविदास जयंती पर हुए कार्यक्रम
सांबा/ घगवाल। जिले भर में गुरु रविदास की जयंती धूमधाम से मनाई गई। सांबा में गुरु रविदास सभा की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें गुरु के बताए मार्ग पर चलने को कहा गया।
घगवाल व राजपुरा में भी गुरु रविदास की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर रामदास बिरादरी सहित अन्य लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। रविदास मंदिर में लोगों ने पूजा अर्चना कर विश्व की मंगल कामना की। मास्टर थोडू राम, कुलदीप राज, हंसराज, गोविंद राम, देवराज ने बताया कि रविदास महान संत, दर्शनशास्त्री, कवि व समाज सुधारक व ईश्वर में अनुयायी थे। मान्यता के अनुसार संत रविदास का जन्म माघ पूर्णिमा के दिन हुआ था। उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों व छुआछूत के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने लोगों को संदेश दिया कि ईश्वर ने इंसान बनाया है न कि इंसान ने ईश्वर बनाया है। अर्थात इस धरती पर सभी को भगवान ने बनाया है। सभी के अधिकार समान हैं। इस सामाजिक परिस्थिति के संदर्भ में संत गुरु रविदास ने लोगों को वैश्विक भाईचारा और सहिष्णुता का ज्ञान दिया।
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