भाई की कलाई पर राखी बांधने की तैयारी कर रही नीलम ने सपने में भी नहीं सोचा था कि तकदीर उसके साथ इस कदर नाइंसाफी करेगी। उसकी यह हसरत अब कभी पूरी नहीं होगी। जिस भाई की कलाई पर राखी बांधनी थी उसकी मृत देह लेकर उसे घर जाना पड़ा।
भाई की कलाई थामे बहन के आंसुओं का सैलाब थमने का नाम नहीं ले रहा था। पाकिस्तान के खूनी गोलों ने उसके अरमानों पर पानी फेर दिया। अब्दुल्लियां गांव में बरसे पाकिस्तानी गोलों ने नीलम के भाई पवन कुमार की जान ले ली और पिता को जख्मी कर दिया। नीलम अपने भाई के लिए राखी ले चुकी थी, लेकिन किस्मत ने उसे भाई की लाश के साथ भेजा।
मृतक पवन कुमार की बहन नीलम की ससुराल लोरा गांव में है। शुक्रवार को सुबह होते ही उसे सूचना मिली उसके पिता और भाई पाक गोलाबारी में घायल हो गए। वह दौड़ी दौड़ी अपनी दस साल की बेटी के साथ मेडिकल कालेज अस्पताल पहुंची।
यहां पिता को घायल देखकर वह फूट-फूट कर रोने लगी। लेकिन इससे भी बड़ा पहाड़ तब टूटा जब भाई की मौत की खबर लगी। उसके आंसू देखकर सभी की आंखें नम हो गईं। अस्पताल में भाई की लाश से लिपटकर वह बड़ी देर तक बिलखती रही। इसके बाद अपने मायके अब्दुल्लियां गई।