फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुरहान के मारे जाने के बाद भड़की हिंसा को शांत करने के लिए हुई थी सौदेबाजी

विज्ञापन
विज्ञापन
जम्मू। आतंकियों से सांठगांठ और देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में जम्मू-कश्मीर में पिछले छह महीने में 27 कर्मचारियों को बर्खास्त किया जा चुका है। पाकिस्तान समर्थक कट्टरवादी अलगाववादी सैयद अली शाह गिलानी के पोते अनीस-उल-इस्लाम की बर्खास्तगी से पहले सरकार हिजबुल मुजाहिदीन सरगना सैयद सलाहुद्दीन के दो बेटों और हिजबुल आतंकी के साथ गिरफ्तार दागी डीएसपी दविंदर सिंह को भी बर्खास्त कर चुकी है। उप राज्यपाल ने संविधान के अनुच्छेद 311 (2) के तहत कार्रवाई की है। इसके तहत बर्खास्त कर्मचारी केवल जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में अपील कर सकता है। सरकार ने कर्मचारियों की बर्खास्तगी का सिलसिला अप्रैल में शुरू किया था। इसके लिए सरकार ने एसटीएफ का गठन किया था जो कर्मचारियों के देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के मामलों की जांच करने तथा उसकी बर्खास्तगी की संस्तुति करता है।
विज्ञापन

अनीस के खिलाफ तैयार डोजियर के अनुसार अल्ताफ अहमद शाह उर्फ अल्ताफ फंटूश के बेटे अनीस पर सऊदी अरब तथा खाड़ी देशों में तीन संदिग्धों के साथ करीबी संपर्क का आरोप है। टेरर फंडिंग केस में गिरफ्तार फंटूश 2017 से तिहाड़ जेल में है। तत्कालीन मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के शासनकाल में 2016 में अनीस को शेर-ए-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में शोध अधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया था। अधिकारियों के अनुसार नियुक्ति से पहले अनीस 31 जुलाई से सात अगस्त 2016 तक पाकिस्तान गया था। वहां उसकी मुलाकात आईएसआई के कर्नल यासिर से हुई थी। वहां से लौटने के बाद जब पूरे प्रदेश में हिजबुल आतंकी बुरहान वानी के मुठभेड़ में मारे जाने पर हिंसा भड़की थी तो राज्य सरकार पर उसकी नियुक्ति का दबाव डाला गया। इसके लिए भर्ती नियमों को तोड़ा मरोड़ा गया। आरोप है कि नियुक्ति से पहले अनीस अपने मित्रों के साथ श्रीनगर और आसपास के इलाकों में नियमों को तोड़कर ड्रोन उड़ाता था। इसके फुटेज बाद में सीमापार आईएसआई हैंडलरों से साझा किए गए।
एसकेआईसीसी उच्च स्तरीय बैठकों-सेमिनार के चलते है संवेदनशील
अधिकारियों का कहना है कि बुरहान वानी के मारे जाने के बाद भड़की हिंसा की आग को शांत करने के लिए सौदेबाजी के तहत अनीस की गजटेड पद के समकक्ष सरकारी पद पर नियुक्ति की गई। क्योंकि 2005 से रिक्त पड़े इस पद को भरने के लिए कोई आपातकालीन जरूरत की स्थिति नहीं थी। एसकेआईसीसी में उच्च स्तरीय बैठकें और वीवीआईपी कांफ्रेंस होती हैं। यह सेमिनार, कार्यशाला और बैठकों में उठने वाले विषयों को लेकर भी अति संवेदनशील है।
विज्ञापन

डोडा के बर्खास्त शिक्षक के दो भाई हैं आतंकी
डोडा के बर्खास्त शिक्षक फारूक अहमद भट का भाई मोहम्मद आमिन भट लश्कर-ए-ताइबा का सक्रिय आतंकी है जो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से अपनी गतिविधियां संचालित करता है। भट अपने भाई के इशारे पर हमले की तैयारी में था। उसका एक अन्य भाई सफदर अली आतंकी गतिविधियों में जेल में बंद है। फारूक को 2005 में संविदा आधार पर नियुक्त किया गया था जो 2010 में नियमित किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें