सीबीआई के पास कई मजदूरों ने शिकायत दर्ज कराई थी। बताया कि उनके खाते बिना बताए बंद कर दिए गए। सोमवार को सीबीआई के एएसपी महेश कुमार के नेतृत्व वाली 15 सदस्यीय टीम ने ईपीएफओ कार्यालय जम्मू में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान सीबीआई की टीम ने सैकड़ों फर्जी खातों की जानकारी जुटाई। रिकॉर्ड खंगालते ही पता चला कि फर्जी ईपीएफओ अकाउंट बनाए गए। फर्जी बैंक खाते खोले गए और उन लोगों के पैसे निकाले गए जो लॉकडाउन में अपने घरों को चले गए। सीबीआई अब जब्त रिकॉर्ड की स्क्रूटनी करेगी। सूत्रों का कहना है कि कई बड़े अफसर इसमें शामिल हैं, जिनसे सीबीआई ने पूछताछ की है।
डाटा हटाया और फर्जी बनाया
जांच में पता चला है कि ईपीएफओ कर्मियों एवं अधिकारियों ने सैकड़ों लोगों के डाटा को कंप्यूटरों से हटा दिया। फिर फर्जी नाम से दोबारा डाटा बनाया गया। इनके नाम पर खाते खोले और डाटाबेस तैयार करके फर्जी लोगों के नाम चढ़ा दिए। सीबीआई की टीम ने कई कंप्यूटर और दस्तावेज जब्त किए हैं। जो डाटा डिलीट किया गया है, उसको दोबारा हासिल करने के लिए कंप्यूटरों को आईटी विभाग के विशेषज्ञों के पास भेजा गया है।
इंजीनियरों की टीम ने खंगाला रिकॉर्ड
जानकारी के अनुसार सीबीआई की टीम में इंजीनियर विंग भी थी। इंजीनियर विंग ने कई कंप्यूटर को चेक किया। जांच में पाया गया कि कंप्यूटरों से पुराना डाटा डिलीट कर नया चढ़ाया गया है। पिछले डेढ़ साल के दौरान ऐसा किया गया है। इंजीनियरों ने कंप्यूटर के उस साफ्टवेयर को भी जब्त कर लिया है, जिसके जरिए फर्जी डाटाबेस तैयार किया गया।