सीबीआई ने उधमपुर में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के तीन अधिकारियों अधीक्षण अभियंता (एसई), सहायक कार्यकारी अभियंता (एईई) और कनिष्ठ अभियंता (जेई) को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। वहीं जम्मू में दलाल के साथ एक पटवारी को भी रिश्वत लेते एसीबी ने काबू किया है। पकड़े गए अधीक्षण अभियंता ने कुछ दिन पहले अपने कार्यालय के बाहर रिश्वत मांगने की शिकायत करने का बोर्ड लगवाया था। अब वह इस मामले में खुद फंस गए हैं। उधमपुर में पकड़े तीनों आरोपियों को शुक्रवार को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया। जहां से तीनों को आठ दिन की न्यायिक हिरासत पर भेज दिया गया।
सीबीआई अब इन अफसरों से पूछताछ कर रिश्वतखोरी के नेटवर्क का पता लगाएगी। आरोपियों को रिश्वत की रकम का एक चेक और 40 हजार की नकदी लेते रंगे हाथ पकड़ा गया है। यह कार्रवाई वीरवार देर शाम को उधमपुर के डाक बंगले के पास एसई के आवास पर की गई। कश्मीर संभाग में तैनात एसई हिलाल अहमद को एक माह पूर्व ही उधमपुर में तैनाती मिली थी।
आरोपियों में श्रीनगर का रहने वाला एसई हिलाल अहमद शेख, उधमपुर का रहने वाला जेई संजय कौल और जम्मू के बन तालाब का रहने वाला एईई पीके कौल शामिल हैं। इन लोगों ने एक ठेकेदार का हेल्थ सेंटर का बिल सेटल करने के लिए तीन लाख रुपये रिश्वत मांगी, लेकिन 1.5 लाख रुपये पर सहमति बनी।
ठेकेदार ने जैसे ही अधिकारियों को रिश्वत के पैसे दिए, इसके तुरंत बाद सीबीआई की टीम ने छापा मारकर इन लोगों को 1.10 लाख रुपये के जेके बैंक के चेक और 40 हजार रुपये नकदी के साथ रंगे हाथ दबोच लिया। ठेकेदार ने रियासी में वर्ष 2017-18 में हेल्थ सब सेंटर का निर्माण करवाया था। इसके लिए ठेकेदार को अपना बिल पास कराना था, जिसके लिए उक्त अधिकारी रिश्वत मांग रहे थे।
इन लोगों के पकड़े जाने के बाद सीबीआई की टीम ने श्रीनगर में एसई, उधमपुर में जेई और जम्मू के बन तालाब में एईई के घर पर भी छापे मार कई दस्तावेज बरामद किए हैं। शुक्रवार को तीनों आरोपियों को जम्मू में सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से आठ दिन के रिमांड पर भेजा गया है। आरोपियों से और भी कई घपलों से पर्दा उठ सकता है।
छुट्टी पर था जेई, एईई के साथ एसई के घर पहुंच ली रिश्वत
जांच एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि वीरवार रात एसई ने अपने निवास पर एईई पीके कौल को बुलाया, जिसने आगे जेई संजय कौल को फोन किया कि साहब ने बुलाया है। जेई की वीरवार को छुट्टी थी। रिश्वत लेने के लिए वह अपने अधिकारी के साथ बड़े अफसर एसई के घर पहुंच गया, जहां रिश्वत लेते तीनों दबोच लिए गए।
कार्यालय परिसर में रहा सन्नाटा
उधमपुर में पीडब्ल्यूडी के कार्यालय में शुक्रवार को सन्नाटा पसरा रहा। कई अधिकारी व कर्मचारी अपने कार्यालयों में पहुंचे, लेकिन कोई भी कार्यालयों से बाहर नहीं निकला। एसई और तकनीकी अफसर एईई के कार्यालय दिन भर बंद रहे। इनके कार्यालयों से कई तरह का रिकॉर्ड सीबीआई अपने साथ ले गई है।
रिश्वतखोरी की शिकायत सुनने वाले ही ले रहे थे रिश्वत
उधमपुर। लोक निर्माण विभाग में कोई रिश्वत मांगता है तो विभागीय स्तर पर इसकी शिकायत के लिए अधीक्षण अभियंता (सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर) से शिकायत को कहा गया था। दफ्तर के बाहर लगे बैनर में इस दावे के ठीक उलट रिश्वत लेने के आरोप में अधीक्षण अभियंता खुद ही पकड़े गए।
जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने वाली एजेंसियों की सक्रियता बढ़ी है। सरकार ने पीडब्ल्यूडी कार्यालय के बाहर करीब एक वर्ष पहले बैनर लगाकर लिखा था - इस कार्यालय में रिश्वत नहीं चलेगी। कोई रिश्वत मांगता है तो इसकी शिकायत सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर से करें।
इसके साथ मुख्य अभियंता और डीसी उधमपुर से भी शिकायत कर सकते हैं। वहीं टेक्निकल ऑफिसर कार्यालय के बाहर भी शिकायत बॉक्स लगाकर रिश्वतखोरी की शिकायत का विकल्प दिया गया। इस दफ्तर में बैठने वाले अफसर भी रिश्वत लेते पकड़े गए।