सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल रघु श्रीनिवासन ने कहा कि अमरनाथ यात्रा में इस साल तीर्थयात्रियों को बेहतर ट्रैक उपलब्ध करवाया जाएगा। दक्षिण कश्मीर में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बाबा बफार्नी की पवित्र गुफा तक पहुंचने के लिए अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले में बालटाल से 14 किलोमीटर मार्ग है।
डीजी बीएसएफ ने कहा कि पिछले साल हमें ट्रैक को चौड़ा करने का काम सौंपा गया था, जो भक्तों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण था। चौड़ीकरण का काम पूरा कर लिया गया है और सतह को ब्लॉकों से ढकने के साथ मोड़-ढलानों पर ध्यान दिया गया है।
उन्होंने जम्मू-पुंछ राजमार्ग पर 2.79 किलोमीटर लंबी सुंगल सुरंग के ब्रेकथ्रू समारोह के मौके पर कहा कि बीआरओ ने तीर्थयात्रियों को सुरक्षित मार्ग प्रदान करने के लिए विशेष रूप से पहाड़ी से पत्थर गिरने की संभावना वाले क्षेत्रों में संवेदनशील स्थानों पर सड़क के किनारे रेलिंग और फुटपाथ बिछाने का सबसे महत्वपूर्ण काम पूरा कर लिया है।
ले. जनरल श्रीनिवासन ने कहा कि बारिश के पानी की बेहतर निकासी का काम भी पूरा कर लिया गया है। हम वर्तमान में निमू-पद्म-दारचा रोड (लद्दाख में) पर काम कर रहे हैं, जो श्रीनगर-कारगिल-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर दारचा और निम्मू के माध्यम से मनाली को लेह से जोड़ेगा।
श्री अमरनाथ यात्रा (फाइल)
- फोटो : एजेंसी
एक माह में करीब 2.90 लाख श्रद्धालु करवा चुके हैं अग्रिम पंजीकरण
श्री अमरनाथ यात्रा 2024 के लिए अग्रिम पंजीकरण को शिवभक्तों का रुझान बढ़ा है। सूत्रों के अनुसार पिछले एक माह में करीब 2.90 लाख श्रद्धालु अग्रिम यात्री पंजीकरण करवा चुके हैं। देशभर की निर्धारित बैंक शाखाओं में आफलाइन के साथ श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर आनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया जारी है।
आगामी दिनों में हेलिकाप्टर आनलाइन बुकिंग शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा यात्रा के शुरू होने पर यात्रियों के लिए आनस्पाट पंजीकरण की सुविधा दी जाएगी, जिससे इस साल यात्रा आंकड़ा पिछले रिकार्ड तोड़ सकता है।
अग्रिम पंजीकरण के लिए निर्धारित अस्पतालों में अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनवाने के लिए यात्री पहुंच रहे हैं। इसी प्रमाणपत्र के आधार पर यात्रियों का आनलाइन और आफलाइन अग्रिम यात्री पंजीकरण किया जा रहा है। पीएनबी के एक बैंक अधिकारी ने बताया कि उनके पास रोजाना पंजीकरण के लिए यात्री पहुंच रहे हैं।
मौजूदा 12 से 13 जुलाई की तिथि के लिए कोटे में पंजीकरण किया जा रहा है। सभी यात्रियों को रूट और तिथि के मुताबिक पंजीकरण किया जा रहा है। इसमें निर्धारित रूट और तिथि के मुताबिक ही श्रद्धालुओं को पवित्र गुफा की ओर भेजने की अनुमति दी जाएगी। वहीं, सूत्रों के अनुसार पारंपरिक पहलगाम और बालटाल रूट से पवित्र गुफा तक 125 लंगर संगठनों को अनुमति दी गई है।
लंगर वालों को अनुमति पत्र प्रदान किए गए हैं। जून के मध्य तक देशभर से लंगर संगठनों का जम्मू कश्मीर में पहुंचना शुरू हो जाएगा। श्राइन बोर्ड के नियमों के तहत लंगरों में सेवाएं देने वाले प्रत्येक सेवादार को संबंधित क्षेत्रों में पुलिस जांच करवाकर उसका प्रमाणपत्र देना होता है।
यात्रा के आंकड़ों की बात करें तो अब तक वर्ष 2011 में रिकार्ड 6.36 यात्री पहुंचे थे और उसके अगले वर्ष 2012 में भी यह आंकड़ा 6.20 लाख रहा था। वर्ष 2023 में 4.45 यात्रियों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए। आगामी 29 जून से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा इस बार 52 दिन की है। पारंपरिक बालटाल और पहलगाम रूट से रोजाना दस-दस हजार श्रद्धालुओं को पवित्र गुफा के लिए भेजा जाता है।