जम्मू। स्कास्ट जम्मू और कृषि विभाग ने किसानों को एक सप्ताह पहले ही बारिश संबंधी एडवाइजरी जारी की थी। जिसमें मौसम के अनुसार कार्य करने की हिदायत दी थी, लेकिन अनदेखी करने पर नुकसान का सामना करना पड़ा है।
इस बारे में व्हाट्सएप, ई-मेल और मैसेज के माध्यम से जानकारी दी गई थी। लेकिन किसानों ने मैसेज को पढ़ा ही नहीं या पर उसे गंभीरता से नहीं लिया। इस कारण मैदानी इलाकों में 70 फीसदी फसल को नुकसान हुआ है। कृषि विभाग ने भी एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें फसलों को न काटने और मंडियों में धान न बेचने की सलाह दी थी। इसमें भारी नुकसान की संभावना जताई थी। एडवाइजरी पर गौर न करने पर किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। बीते साल फसल खेतों में ही रह गई थी। दिसंबर में कटाई हुई है। किसानों को 90 फीसदी नुकसान उठाना पड़ा था। इस बार मैदानी इलाकों में नुकसान हो गया है। इससे किसानों की सारी मेहनत पर पानी फिर गया है। कृषि निदेशक केके शर्मा ने कहा कि एडवाइजरी जारी की गई थी। इसमें स्पष्ट किया गया था कि किसान कटाई न करें। अगर करनी है तो कटाई का काम 25 के बाद शुरू करें। जहां पर फसल काटी गई है, वहां पर नुकसान ज्यादा हुआ है।