सुरक्षा एजेंसियों की ओर से हाल में तैयार की गई सूची में आतंकियों को चिह्नित किया गया है। सभी आतंकियों को खोजने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई चल रही है। सभी दहशतगर्द श्रीनगर के साथ पुलवामा, बारामुला, कुलगाम के इलाके में छिपे हुए हैं
कश्मीर घाटी में 38 पाकिस्तानी आतंकी सक्रिय हैं। सुरक्षा एजेंसियों की ओर से हाल में तैयार की गई सूची में इन आतंकियों को चिह्नित किया गया है। इनमें लश्कर ए ताइबा के 27 और जैश-ए-मोहम्मद के 11 आतंकी बताए जाते हैं। इन आतंकियों के सही ठिकाने का पता लगाने की कोशिश में सुरक्षा एजेंसियों ने जाल बिछा रखा है ताकि उन्हें ढेर किया जा सके। सूत्रों ने बताया कि श्रीनगर, पुलवामा, बारामुला व कुलगाम के साथ ही घाटी के अन्य इलाकों में यह आतंकी छिपे हुए हैं।
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आतंकियों को ओवर ग्राउंड वर्करों से मिल रही मदद
कई की लोकेशन ऊंचे पर्वतीय इलाके में भी मिली हैं। बताते हैं कि इन आतंकियों को विभिन्न संगठनों के ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) से मदद मिल रही है। रहने, खाने-पीने के साथ ही आने-जाने के इंतजाम भी ओजीडब्ल्यू की ओर से किए जा रहे हैं। पिछले महीने टारगेट किलिंग की घटनाओं में बढ़ोतरी के बाद केंद्र सरकार की ओर से भेजे गए आतंकवाद निरोधक अभियान के कुशल विशेषज्ञों ने पुलिस तथा सेना की मदद से इन आतंकियों को चिह्नित करने में सफलता हासिल की है।
घाटी में चल रहे आतंकवाद निरोधक अभियान
सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के अनुसार इन दिनों सुरक्षा ग्रिड के साथ ही इंटेलिजेंस ग्रिड को काफी मजबूत किया गया है। आतंकियों की घुसपैठ से लेकर इलाके में सक्रियता की पल-पल की जानकारी पल भर में हासिल हो जा रही है। इसके बाद सुरक्षा बलों की ओर से आतंकवाद निरोधक अभियान चलाकर आतंकियों को ढेर करने की कोशिश की जा रही है।
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स्थानीय आतंकियों को समर्पण का मौका: आईजी
जम्मू-कश्मीर पुलिस का कहना है कि आतंकियों के खिलाफ आगे और प्रभावी अभियान चलेगा। किसी को भी दहशत तथा डर का माहौल पैदा करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। आतंकियों के पास मौका है कि वे आत्मसमर्पण कर दें। आईजी कश्मीर विजय कुमार के अनुसार इस साल अब तक 133 आतंकियों का सफाया किया जा चुका है। इनमें कई टॉप कमांडर भी शामिल हैं। लगभग सभी आतंकी तंजीमों का शीर्ष नेतृत्व समाप्त हो चुका है। इन्हें अब नेतृत्व का संकट हो चुका है।