देशविरोधी गतिविधियों और आतंकियों से गठजोड़ मामले में जम्मू-कश्मीर सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय आतंकी सैयद सलाहुद्दीन के दो बेटों समेत 11 कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। ये कर्मचारी टेरर फंडिंग, अलगाववाद और आतंकियों को पनाह देने जैसी देशद्रोही गतिविधियों में संलिप्त पाए गए थे। सरकार की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। संविधान के अनुच्छेद 311 के तहत मामलों की समीक्षा के लिए गठित समिति ने दो अलग-अलग बैठकों में 11 कर्मचारियों की बर्खास्तगी की संस्तुति की। समिति की दूसरी बैठक में तीन और चौथी में आठ कर्मचारियों को बर्खास्त करने की सिफारिश की गई थी।
इसी आधार पर पाकिस्तान में रह रहे हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन के बेटों सैयद अहमद शकील और शाहिद यूसुफ को भी नौकरी से निकाला गया है। ये दोनों टेरर फंडिंग मामले में शामिल रहे हैं। एनआईए ने दोनों को ट्रैक करने के बाद उनका ट्रायल किया था। इसमें पाया गया था कि दोनों हिजबुल के लिए पैसे एकत्रित करते थे। हवाला के जरिये फंड भी ट्रांसफर करते थे। सूत्रों के अनुसार बर्खास्त होने वालों में एक कुपवाड़ा आईटीआई का अर्दली है जो लश्कर-ए-ताइबा के ओजीडब्ल्यू के रूप में काम करता है।
वह आतंकियों को सुरक्षा बलों की मूवमेंट की जानकारी देता था। अनंतनाग के दो शिक्षकों जब्बार अहमद पर्रे और निसार अहमद तांत्रे को देशविरोधी गतिविधियों एवं अलगाववाद को बढ़ावा देने समेत जमात ए इस्लामी व दुख्तरान ए मिल्लत जैसे अलगाववादी संगठनों को समर्थन देने के आरोप में बर्खास्त किया गया है। दोनों पर पाकिस्तानी एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप है।
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स्वास्थ्य विभाग के अर्दली नाज मोहम्मद एली की आतंकियों से संबंध के कारण छुट्टी की गई है। वह हिजबुल मुजाहिदीन का ओजीडब्ल्यू था और आतंकी गतिविधियों से उसका सीधा संबंध था। उसने दो खूंखार आतंकियों को अपने घर पर छिपाकर भी रखा था। बिजली विभाग के इंस्पेक्टर शाहीन अहमद लोन को हिजबुल मुजाहिदीन के लिए हथियारों की तस्करी में शामिल पाया गया। उसे पिछले साल जनवरी महीने में जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर दो आतंकियों के साथ पकड़ा गया था। दो पुलिसकर्मियों को भी बर्खास्त किया गया है।
बर्खास्त होने वाला पुलिसकर्मी हमले में था शामिल
सूत्रों का कहना है कि बर्खास्त होने वाले पुलिसकर्मियों ने न केवल गोपनीय सूचनाएं आतंकी संगठनों तक पहुंचाई बल्कि एक पुलिसकर्मी तो सुरक्षा बलों पर हमले में भी शामिल रहा।
सबसे ज्यादा अनंतनाग के कर्मचारी बर्खास्त
सूत्रों ने बताया कि बर्खास्त होने वालों में अनंतनाग के दो सरकारी शिक्षक हैं जो देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं। आतंकियों से भी उनका संबंध रहा है। दो पुलिसकर्मियों पर आतंकियों तक विभाग की गोपनीय सूचनाएं पहुंचाने के मामले में कार्रवाई की गई है। बर्खास्त किए कर्मचारियों में चार अनंतनाग, तीन बडगाम और बारामुला, श्रीनगर, पुलवामा व कुपवाड़ा के एक-एक कर्मचारी है। शिक्षा विभाग के सबसे ज्यादा चार कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। दो पुलिसकर्मियों के अलावा कृषि, कौशल विकास, बिजली, स्किम्स और स्वास्थ्य विभाग के एक-एक कर्मचारी की सेवा समाप्त की गई है।