उधमपुर। शहर में दिन प्रतिदिन बिजली का संकट बढ़ रहा है। इसका असर जलापूर्ति व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। इसी कारण शहर के कई हिस्सों में लोगों के यहां तीन दिन से जलापूर्ति नहीं हुई है। इस पर शहरवासियों का कहना है कि प्रशासन इस परेशानी को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
कुछ दिनों से प्रतिदिन शहर में पांच से छह घंटे तक बिजली कटौती हो रही है। कई इलाकों में तो हालात यह हैं कि लोगों को एक-एक घंटे के हिसाब से किस्तों में बिजली मिल रही है। यह सिलसिला रात में जारी रहता है, इसलिए शहर को जलापूर्ति देने वाले फिल्ट्रेशन प्लांट में जरूरत के अनुसार पानी की पंपिंग व फिल्टर का काम नहीं हो पा रहा है।
शहर के वार्ड 8, 7, 11, सैला तालाब, दीनानगर, संबल, आदि में लोगों को तीन दिन से पानी ही नहीं मिला है। लोगों को पीने के पानी के लिए बावलियों पर जाना पड़ रहा है। इससे जनजीवन पर भी असर पड़ रहा है। स्थानीय सुरेंद्र कुमार, नरेश सिंह, विशाल भारद्वाज, आदि ने बताया कि शहर में पहली बार इस तरह से विद्युत और जलापूर्ति देखने मिल रही है।
उन्होंने कहा कि संकट इससे पहले भी था, लेकिन लोगों को बिजली और पानी के लिए तरसना नहीं पड़ा। बढ़ता गर्मी में लोगों को बिजली और पानी की ही सबसे ज्यादा जरूरत है। अब तो हालात ये हैं कि जल शक्ति विभाग और पीडीडी के अधिकारियों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया है। वे भी आश्वासन देकर थक गए हैं। जिला प्रशासन को इस तरफ ध्यान देकर कुछ प्रयास करने चाहिए।