कश्मीर संभाग के छह दिव्यांग स्कीयरों ने अपने साहस के जरिये संदेश दिया है कि जीवन में चुनौतियां चाहे कितनी भी क्यों न हों, अगर दृढ़ संकल्पित हैं, तो सफलता आपको मिलेगी ही। इन युवाओं ने हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल गुलमर्ग में दो सप्ताह का कठोर स्कीइंग प्रशिक्षण लिया है। पाठ्यक्रम के दौरान इन्होंने फिसलने, ग्लाइडिंग जैसे बुनियादी गुर सीखे हैं। इतना ही नहीं, सफलतापूर्वक 250 मीटर की दूरी भी तय की, जो पहले दिन असंभव सा लग रहा था।
चिनार कॉर्प्स की इस पहल का उद्देश्य कश्मीर के दिव्यांग युवाओं को स्कीइंग में प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना है। कार्यक्रम को मुख्यालय 15 कोर के तत्वावधान में जीओसी 31 सब एरिया द्वारा झंडी दिखाकर रवाना किया गया था। कमांडेंट एचएडब्ल्यूएस ने इसका मार्गदर्शन और पर्यवेक्षण किया। इससे पहले कई स्वयंसेवकों ने दिव्यांग युवाओं के लिए लघु पाठ्यक्रम को लेकर भारतीय सेना से संपर्क किया था।
इसके साथ ही जयपुर के एक गैर सरकारी संगठन भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति द्वारा कृत्रिम अंग और अन्य विशेष सामान प्रदान किए गए। इसके बाद टीम ने कठिन परिस्थितियों में 12 से 26 मार्च तक बेसिक स्कीइंग कोर्स पूरा किया। इस दल का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मदत्त गोयल ने किया, जो स्वयं युद्ध में घायल सैनिक और बायां पैर से दिव्यांग हैं। अन्य छह कश्मीरी सदस्यों में गौहैर अहमद गनी, उमर सलाम, अब्दुल रहमान मीर, रफीक, मुसैब राशिद और सईद नजीर शामिल थे। चिनार कॉर्प्स को उम्मीद है कि आने वाले समय में कई और विशेष रूप से दिव्यांग युवा स्कीइंग करेंगे और पैरालिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।