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घुसपैठ की फिराक में पाकिस्तान: बर्फबारी से पहले आतंकियों को सीमा पार कराना चाहता है पाक, भारतीय सेना पूरी तरह तैयार

Tue, 21 Sep 2021 03:21 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर

सार

जीओसी ने बताया कि घाटी में 60 से 70 विदेशी आतंकी सक्रिय हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि विदेशी आतंकी स्थानीय युवाओं को बरगलाकर बड़ी घटनाएं करवा सकते हैं।
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लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडेय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सेना की 15वीं कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडेय ने कहा कि नियंत्रण रेखा से सटे इलाकों से पाकिस्तान फिर से घुसपैठ की कोशिशों को अंजाम देने में लगा है। उनका उद्देश्य पहाड़ों पर बर्फबारी से रूट बंद होने से पहले ज्यादा से ज्यादा आतंकियों को सीमा पार से इस तरफ धकेलना है। एक ऐसी ही कोशिश बारामुला जिले के उड़ी सेक्टर के करीब सामने आई है। इसके बाद इलाके में पिछले चौबीस घंटों से तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

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सोमवार को लेफ्टिनेंट जनरल पांडेय ने कहा कि एलओसी पर इस साल अभी तक कोई भी सीजफायर की घटना नहीं हुई है। इस तरह की घटनाओं का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं। सीमा पार से घुसपैठ की कोशिश जरूर हुईं हैं। इस बार पाकिस्तानी सेना घुसपैठ में मदद नहीं कर रही है। उन्होंने बताया कि सेना को इस तरह की दो कोशिशों की जानकारी मिली है। पहली घटना में बांदीपोरा में आतंकियों को मार गिराया गया था। दूसरी कोशिश में 24 घंटे से उत्तरी कश्मीर के उड़ी सेक्टर में सर्च ऑपरेशन चल रहा है। सूत्रों ने बताया कि उड़ी में ऑपरेशन के चलते संचार सेवा को ठप कर दिया गया है। 
          
कश्मीर में 60-70 विदेशी आतंकी सक्रिय  
जीओसी ने बताया कि घाटी में 60 से 70 विदेशी आतंकी सक्रिय हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि विदेशी आतंकी स्थानीय युवाओं को बरगलाकर बड़ी घटनाएं करवा सकते हैं। स्थानीय आतंकियों को मुठभेड़ में मरवाना चाहते हैं जिससे उन्हें लाभ पहुंचता है। स्थानीय आतंकी के मारे जाने पर परिवार और अन्य में आक्रोश की भावना पनपती है। 
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अगर कोई युवा हथियार उठाएगा तो मारा जाएगा 
तालिबान पर जीओसी ने कहा, आप चिंतित क्यों हैं...आप सुरक्षित हैं और आपको सुरक्षित रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारे लिए देश पहले हैं किसी की संख्या मायने नहीं रखती। अगर कोई युवा बंदूक उठाता है तो वो मारा जाएगा या उसे गिरफ्तार किया जाएगा। वह आत्मसमर्पण करना चाहेगा तो उसे मौका भी दिया जाएगा।

दूसरों को बंदूक उठाने और अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने वालों का बेनकाब करना होगा   
जीओसी ने कहा कि उन लोगों को बेनकाब करना होगा जिनके बच्चे अच्छे स्कूल, कॉलेजों में पढ़ाई करने के बाद बेहतर नौकरी करते हैं। लेकिन वह निचले तबके से आने वालों को युवाओं को बंदूक उठाने के लिए बरगलाते हैं। उन युवाओं के अभिभावकों को सवाल करना होगा कि आखिर उनके बच्चों को बंदूक उठाने पर मजबूर क्यों किया जाता है। जब तक यह सवाल नहीं पूछा जाएगा तब तक ऐसे ही चलता रहेगा। 

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