श्रीनगर। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री भागवत किशनराव कराड ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर में विभिन्न सरकार प्रायोजित और स्वरोजगार योजनाओं के तहत उच्च ऋण वितरण के लिए बैंकों की सराहना की। मंत्री ने बैंकों से केंद्र शासित प्रदेश में डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र और वित्तीय समावेशन की शुरुआत करने की दिशा में कड़ी मेहनत करने का भी आग्रह किया।
कराड ने मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में आयोजित जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय बैंकर्स समिति (जे-के यूटीएलबीसी) की चौथी बैठक की अध्यक्षता की। वह केंद्र सरकार के जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत गांदरबल जिले के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर जैसी मुख्य रूप से खुदरा अर्थव्यवस्था में मुद्रा और अन्य सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं के तहत एनपीए के निम्न स्तर पर संतोष व्यक्त किया। कराड ने बैंकरों से वित्त मंत्रालय और आरबीआई के वित्तीय समावेशन कार्यक्रमों के तहत गांवों का 100 प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने का आग्रह करते हुए बैंकों से सभी गैर-बैंकिंग क्षेत्रों को कवर करने के लिए हर संभव प्रयास करने को कहा। मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में सभी सरकारी भुगतान डिजिटल रूप से किए जाते हैं। सरकार ने बेरोजगारी दर को 5 प्रतिशत तक कम करने के लिए सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जम्मू और कश्मीर बैंक के अध्यक्ष और एमडी आर के छिब्बर ने कहा कि बैंकों ने कोविड दिशानिर्देशों का पालन करते हुए प्रदेश के लोगों को निर्बाध सेवाएं प्रदान कीं। बैक टू विलेज कार्यक्रम के तहत 20,000 लाभार्थियों को 337 करोड़ रुपये की राशि का वितरण किया।
केंद्रीय मंत्री ने अक बैठक में जिले में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। विभिन्न योजनाओं में जिला प्रशासन की उपलब्धियों की सराहना की और अधिकारियों को जिले के सर्वांगीण विकास के लिए काम करने को कहा।
मंत्री ने राजकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (बीएचएसएस), गांदरबल में 119.34 लाख रुपये की लागत से निर्मित सभागार का भी उद्घाटन किया। बाद में मंत्री ने डीडीसी अध्यक्ष गांदरबल, नुज़हत इशफाक, बीडीसी, शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) और पंचायती राज संस्थानों (पीआरआई) के प्रतिनिधियों के नेतृत्व में डीडीसी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, जिन्होंने विभिन्न मांगों को रखा। उन्होंने आश्वान दिया कि उनके द्वारा रखे गए मुद्दों और शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। मंत्री ने खीर भवानी मंदिर, तुलामुल्ला में भी माथा टेका।