राजोेरी। वर्ष 2015 में सरकार ने गरीब परिवार की लड़कियों के लिए राज्य विवाह सहायता योजना को अपनी मंजूरी दी। तत्कालीन सरकार ने जम्मू-कश्मीर में इसके कार्यान्वयन के लिए राज्य प्रायोजित सामाजिक सहायता योजना को तत्काल प्रभाव से अपनाने की मंजूरी दी थी। दुर्भाग्य से उक्त योजना के तहत लाभार्थी सूची में योग्य लड़कियों को शामिल करने के लिए किए गए सर्वेक्षण में उनके नाम नहीं डाले गए। सर्वेक्षण अधिकारियों द्वारा 80 प्रतिशत योग्य लड़कियों को छोड़ दिया गया।
भाजपा युवा इकाई के प्रवक्ता मंजूर अहमद नाइक ने एलजी मनोज सिन्हा से राजोेरी और पुंछ में उन गरीब परिवार की लड़कियों के लिए एक नया सर्वेक्षण करने की अपील की है, जिन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिला है। यह योजना एक सामाजिक सहायता योजना है जो गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर की उन अविवाहित लड़कियों के लिए है, जो वित्तीय बाधाओं के कारण खुद को शादी करने की स्थिति में नहीं पाती हैं, लेकिन दुर्भाग्य से लगभग 70 से 80 प्रतिशत ऐसी लड़कियां हैं, जिन के साथ सर्वेक्षण अधिकारियों द्वारा किए गए सर्वेक्षणों में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की अनदेखी की गई है।