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डीडीसी राजोरी ने विकास परियोजनाओं के निष्पादन में बाधा डालने वाले मुद्दों पर चर्चा की

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डीडीसी राजोरी ने विकास परियोजनाओं के निष्पादन में बाधा डालने वाले मुद्दों पर चर्चा की - फोटो : RAJOURI
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राजोेरी। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत अब तक जिले के 12389 परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं। जबकि बुद्धल और राजोेरी में 85 पीएमजीएसवाई सड़कों का नवीनीकरण कार्य जारी है।
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यह जानकारी शासन, वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण आयुक्त सचिव संजीव वर्मा के निर्दश पर डीसी की अध्यक्षता में हुई बैठक में दी गई। बैठक में बताया गया कि जिला केपेक्स बजट के तहत 919 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गयी है। उपायुक्त ने धीमी गति को संज्ञान में लेते हुए संबंधित विभागों को परियोजनाओं पर काम की गति तेज करने को कहा। कोटरंका से खवास सड़क की जर्जर योजना के तहत स्थिति के बारे में एसई पीडब्ल्यूडी ने बताया कि परियोजना पर काम कम से कम समय में शुरू किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों ने यह भी बताया कि राजोरी में 48 सड़कों और बुद्धल अनुमंडल में 37 सड़कों का नवीनीकरण कार्य प्रगति पर है। मनरेगा के तहत की गई प्रगति की समीक्षा करते हुए डीडीसी ने संबंधित अधिकारी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सभी चल रहे कार्य पहले से निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने मानव दिवस उत्पादन के वार्षिक लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ठोस उपाय करने को भी कहा।
जिला केपेक्स के अंतर्गत मृदा संरक्षण कार्यों के संबंध में संबंधित अधिकारी ने बताया कि 7 कार्यों को स्वीकृत किया गया है और ये सभी प्रकार से पूर्ण हैं। पीएमएवाई-जी की प्रगति पर चर्चा करते हुए बताया गया कि जिले में अब तक 12389 आवासों का निर्माण किया जा चुका है। डीडीसी ने संबंधित अधिकारियों को योजना के लाभार्थियों को किश्त जारी करने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन के संबंध में बताया गया कि जल संबंधी मुद्दों के बारे में जनता को शिक्षित करने के लिए जेजेएम के तहत आईईसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। डीडीसी ने जिले में महिला साक्षरता दर को बढ़ाने के लिए ठोस उपाय करने को भी कहा। संबंधित अधिकारी ने सामुदायिक स्वच्छता परिसर के निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया कि अब तक 123 सीएससी पूरे हो चुके हैं।
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सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए किए जा रहे उपायों पर भी चर्चा की गई और संबंधितों को इस खतरे को खत्म करने के लिए प्रभावी उपाय करने और जूट बैग जैसे पर्यावरण के अनुकूल विकल्प उपलब्ध कराने के लिए कहा गया। डीडीसी ने सेहत योजना के तहत शत-प्रतिशत पंजीकरण के लक्ष्य को पूरा करने पर भी जोर दिया।
इसी तरह बैठक में अन्य विकासात्मक मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। डीडीसी ने त्वरित और कुशल सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर भी जोर दिया और अधिकारियों को स्टेशन नहीं छोड़ने का निर्देश दिया।
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