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जम्मू-कश्मीर: एक जेसीओ और जवान का शव बरामद, पुंछ मुठभेड़ में अब तक नौ शहीद

Sat, 16 Oct 2021 07:30 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, पुंछ

सार

जम्मू-कश्मीर के पुंछ में लापता सैनिक भी शहीद हो गए हैं। शनिवार को जेसीओ समेत दोनों जवानों के शव जंगल में मिले हैं। ऑपरेशन में नौ जवान शहीद हो चुके हैं।
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शहीद हुए जवान - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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राजोरी-पुंछ जिलों के सीमा क्षेत्र के जंगलों में आतंकियों के खिलाफ जारी ऑपरेशन में सेना का एक और जवान शहीद हो गया है। मेंढर तहसील में भाटादूड़ियां के नाड़ खास जंगल से शनिवार शाम को शहीद सूबेदार (जेसीओ) अजय सिंह और लापता जवान नायक हरेंद्र सिंह का शव निकाल लिया गया। सोमवार से अब तक इस ऑपरेशन में दो जेसीओ समेत नौ जवान शहीद हो गए हैं। वहीं, आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन की कमान अब पैरा कमांडो ने अपने हाथ में ले ली है। सेना की अन्य टुकड़ियां अब बाहरी घेरे में हैं। जंगल के भीतर रुक-रुक कर फायरिंग हो रही है। मुठभेड़ के चलते राजोरी-पुंछ हाईवे पर यातायात बहाल नहीं हो पाया है। 14 अक्तूबर की शाम से हाईवे बंद किया गया है।

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सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि 14 अक्तूबर को आतंकियों से भाटादूड़ियां के नाड़ खास जंगल में आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई थी। सूबेदार अजय सिंह और नायक हरेंद्र सिंह से संपर्क टूट गया था। इसके बाद से दोनों की तलाश जारी थी। आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन के बीच शनिवार की शाम को दोनों के शव निकाल लिए गए हैं। सैन्य सूत्रों ने बताया कि दोनों शवों को पैरा कमांडो का दल शनिवार शाम को बाहर निकाले गए, जहां से शव भाटादूड़ियां प्राथमिक चिकित्सा केंद्र पहुंचाए गए हैं। जंगल में मौजूद आतंकियों की संख्या कितनी है, इसे लेकर अभी भी स्थिति साफ नहीं हो पाई है। 

ऑपरेशन खत्म होने पर खुलेगा हाईवे
डीआईजी राजोरी-पुंछ रेंज विवेक गुप्ता के अनुसार पूरे इलाके की घेराबंदी की गई है। ऑपरेशन पूरा होते ही राजोरी-पुंछ हाईवे को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। पिछले दो माह से राजोरी-पुंछ के जंगलों में मौजूद आतंकियों से पहली मुठभेड़ चमरेड़ में सोमवार को हुई थी। इसके बाद आतंकियों से पंगेई और फिर मेंढर में भाटादूड़ियां के जंगल में कांटेक्ट हुआ है।
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दिन में मंडराते रहे हेलिकॉप्टर रात होने पर चले रोशनी गोले
दुरूह जंगल में आतंकियों की घेराबंदी को अभेद्य बनाए रखने के लिए सेना के ऑपरेशन में लगातार निगरानी और सर्वीलांस की जा रही है। दिन के समय हेलिकॉप्टर से नजर रखी जा रही है और रात को रोशनी गोले दागे जा रहे हैं। सैन्य सूत्रों ने बताया कि आतंकियों की लोकेशन का मोटे तौर पर पता चल गया है, लेकिन आतंकियों ने कहां आड़ ले रखी है, इसका सटीक अंदाज नहीं है। शनिवार को अंधेरा होते ही फिर रोशनी गोले दागे जाने लगे। यह रोशनी दूर से नजर आ रहे हैं।

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