कठुआ/बिलावर। बिलावर के नाज दरिया में पर्यावरण मानकों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से अवैध खनन जारी है। क्षेत्र के लोगों में इसे लेकर रोष है। रावी और उज्ज दरिया में विभाग की ओर से तीन दिन में तीन एक्सकेवेटर और एक डंपर अवैध रूप से खनन करते जब्त किए गए हैं।
इसके बाद लोगों ने खनन विभाग से बिलावर में भी पर्यावरण को बचाने के लिए अवैध खनन पर सख्ती किए जाने की मांग की है। लोगों ने बताया कि क्षेत्र का भूजल स्तर लगातार गिर रहा है, और अवैज्ञानिक तरीके से हो रहे खनन से दरिया के बहाव को भी फर्क पड़ेगा। इलाके में खनन की अनुमति सशर्त जारी की गई है। इसमें पर्यावरण प्रभाव आकलन एजेंसी की ओर से एक्सवेकेटर, जेसीबी और बुलडोजर को प्रयोग न करने की हिदायत दी गई है।
बिलावर के समाजसेवी संजीत शर्मा ने कहा कि नाज दरिया लोगों की आस्था का भी केंद्र है। इलाके में पिछले कुछ समय से धड़ल्ले से बड़ी मशीनें लगाकर खनन किया जा रहा है, और प्रकृति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इससे सीधे तौर पर दरिया के बहाव पर भी असर पड़ेगा और पर्यावरण पर भी। आसपास के इलाकों में गिर रहा भूजल स्तर इसे लेकर खतरे की घंटी बजा रहा है।
स्थानीय निवासी राकेश कुमार ने कहा कि नियम कायदों को लेकर सख्ती से पालन करवाना प्रशासन के साथ साथ पुलिस और खनन विभाग की जिम्मेदारी है। प्राकृतिक संपदा के अवैध तरीके से दोहन पर रोक नहीं लगाई गई तो यह इलाके भी आने वाले समय में अपनी बर्बादी के लिए क्षेत्र के लोगों को दोषी ठहराएंगे। अरुण कुमार ने कहा कि बिलावर और आसपास के इलाकों में इन दिनों बड़े पैमाने पर खनन को अंजाम दिया जा रहा है। इसके लिए नियम कायदों की धड़ल्ले से अवहेलना हो रही है। पुलिस प्रशासन आंखें मूंद कर तमाशा देख रहा है। मामले में जब भी अवैध तरीके से खनन होता मिले तो कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके लिए जनप्रतिनिधियों को भी आवाज उठाने की जरूरत है।
बिलावर ग्रामीण पंचायत में गहराया पेयजल संकट, लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलावर। कस्बे से सटी बिलावर ग्रामीण रूलर पंचायत में सरकार की ओर से लोगों को पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बखतपुर वाटर सप्लाई स्कीम का काम शुरू हुआ, लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक विभाग स्टेशन पर बिजली की आपूर्ति उपलब्ध नहीं करा पाया है। इसके चलते पंचायत के कई हजारों लोगों को वाटर सप्लाई स्कीम का फायदा नहीं मिल पा रहा। इलाके के सैकड़ों लोगों को पेयजल के लिए परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।
बिलावर ग्रामीण पंचायत की सरपंच मित्तू देवी ने बताया कि योजना का ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन स्टेशन पर ट्रांसफार्मर और बिजली की व्यवस्था नहीं की गई है। इसके चलते योजना का कोई फायदा लोगों को नहीं मिल पा रहा है। सरपंच ने बताया कि इस संबंध में कई बार सरकार के आगे गुहार लगा चुके हैं कि जल्द से जल्द पंपिंग स्टेशन पर ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराया जाए, लेकिन संबंधित विभाग संबंध में कुछ नहीं कर रहा। उन्होंने जल शक्ति विभाग पर आरोप लगाया कि एक वर्ष पूर्व 17 लाख की लागत का टेंडर ट्रांसफार्मर और बिजली की व्यवस्था के लिए लगाया गया था, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक पंपिंग स्टेशन पर ट्रांसफार्मर की सुविधा उपलब्ध नहीं की गई है। इसके चलते कई लाख रुपये खर्च करने के बावजूद भी लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस गर्मी में ज्यादातर प्राकृतिक जल स्रोतों का पानी भी कम हो गया है। जलस्तर कम होने से लोगों को पेयजल के लिए तीन किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है।
सरपंच और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों नहीं जल शक्ति विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द पंपिंग स्टेशन पर बिजली की व्यवस्था की जाए, जिससे बिलावर ग्राम पंचायत में पेश आने वाली पेयजल की किल्लत का समाधान हो सके। लोगों ने इस संबंध में संबंधित विभाग से जल्द से जल्द संज्ञान लेने की मांग की है।
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विभाग की मेकेनिकल इकाई की टीम के साथ बिजली विभाग की टीम मौके पर गई थी। जल्द ही पंपिंग स्टेशन पर बिजली की व्यवस्था कर दी जाएगी।
-सुरेंद्र सिंह संभ्याल, इंचार्ज एईई, जल शक्ति विभाग, बिलावर।