कठुआ। छह साल पहले कम दाखिलों के चलते जिले में 125 सरकारी स्कूलों को नजदीकी स्कूलों के साथ विलय किया गया था। जिनमें से 103 स्कूलों की इमारतें खाली पड़ी थीं। पांच साल की अवधि के बाद इन इमारतों को अब विभिन्न विभागों को दे दिया गया है।
प्रदेश के मुख्य सचिव की ओर से जून माह में हुई बैठक के दौरान सरकारी विभागों की खाली इमारतों के सदुपयोग के निर्देश जारी किए गए थे। इसको ध्यान में रखकर उपायुक्त ने आदेश जारी कर दिया है। इनमें से खाली पड़ीं 54 स्कूलों की इमारतें युवा सेवाएं एवं खेल विभाग को यूथ क्लब बनाने के लिए दी गई हैं। इसके अलावा 20 इमारतें राजस्व विभाग को, चार इमारतें युवा सेवाएं एवं खेल विभाग को, पांच इमारतें डीपीओ आईसीडीएस को, छह इमारतें भेड़ पालन विभाग को, चार इमारतें पशुपालन विभाग को, पांच इमारतें स्वास्थ्य विभाग को, दो इमारतें ग्रामीण विकास विभाग को, एक इमारत महिला विकास प्राधिकरण को, एक इमारत स्टेट टैक्सीज विभाग को और एक इमारत मछली पालन विभाग को दी गई है।
इस संबंध में खाली पड़ी इमारतों की जानकारी जिला प्रशासन को जहां मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मिली थी, वहीं विभिन्न विभागों की ओर से जिला प्रशासन को इन इमारतों की जरूरत के संबंध में लिखा गया था।
ज्ञात है कि जम्मू कश्मीर में स्कूलों के विलय के बाद जम्मू संभाग में सैकड़ों स्कूलों की इमारतें खाली पड़ी थीं। इस्तेमाल व रखरखाव न होने से इन इमारतों की हालत खराब होती जा रही है। कई जगह तो ये इमारतें असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुकी थीं। 2015 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने एक सूची जारी की थी, जिसमें जम्मू संभाग में 3611 सरकारी स्कूल ऐसे थे, जिनमें विद्यार्थियों की संख्या 20 से कम थी। 50 स्कूलों में तो एक भी विद्यार्थी नहीं था। इसके बाद शिक्षामंत्री ने विद्यार्थियों की कम संख्या वाले स्कूलों का ज्यादा संख्या वाले सरकारी स्कूलों में विलय कर दिया था। इनके विलय के बाद जम्मू संभाग में 2000 के करीब सरकारी स्कूलों की इमारतें खाली हो गई थीं। इनमें कठुआ जिले के विलय किए गए 125 स्कूलों की खाली इमारतें भी शामिल थीं।