फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अध्यात्म ही शांति का एकमात्र मार्ग

विज्ञापन
विज्ञापन
कठुआ। भगवान परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में शहर के वार्ड-7 में भगवान परशुराम मंदिर में श्रीमद्भगवत कथा करवाई जा रही है। सोमवार को कथा व्यास पंडित मनोहर लाल शास्त्री ने छठे दिन प्रवचनों की अमृत वर्षा कर भक्तों को प्रभु चरणों से जोड़ा।
विज्ञापन

शास्त्री ने शांति की प्राप्ति के लिए धर्म का अनुसरण करने के लिए कहा। यदि हम धर्म का अनुसरण करते रहेंगे तो हमारे आसपास का वातावरण स्वत: ही शांतिमय हो जाएगा। समाज में जब सत्य स्थापित होता है तो शांति, आनंद, सहिष्णुता, प्रेम, समरसता, बंधुत्व, न्याय, समानता, आदि गुण बढ़ने लगते हैं। अध्यात्म के लिए सेवा, समर्पण और शुद्ध आचरण अनिवार्य है। अध्यात्म के माध्यम से ही परमार्थ का मार्ग प्रशस्त होता है। इससे स्वयं ही नहीं, बल्कि दूसरों का दुख दर्द भी समझने की भावना मनुष्य में जागृत होती है। अध्यात्म वह प्रक्रिया है जो हमें संतुष्टी प्रदान करती है और बाहरी व आंतरिक कर्म करने के लिए प्रेरित करती है।
शास्त्री ने उदाहरण देते कहा कि जब हम आग को हाथ लगाते हैं तो हाथ जल जाता है। अर्थात हमारे कर्म की सजा अगले जन्म में नहीं, बल्कि तत्काल मिलती है। अगर कोई जहर खाता है तो उसे अगले जन्म में नहीं बल्कि इसी जन्म में मरना पड़ता है। कोई व्यक्ति जब बेईमानी से कमाए गए पैसे से ऊंचा मकान बनाता है तो जिस अनुपात में उसका मकान ऊंचा होता जाता है। उसी अनुपात में उसकी आत्मा नीचे चली जाती है, अर्थात दीनता उसे जकड़ती जाती है। इसी तरह जब हम दया करते हैं किसी भूखे को खाना खिलाते हैं तो तत्काल फल के रूप में हमारे प्राण सुगंध से भर जाते हैं। कथा में आरती के बाद भक्तों को प्रसाद बांटा गया। इस मौके पर ब्राह्मण सभा से सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि मंगलवार को भगवान परशुराम की जयंती पर शोभायात्रा निकाली जाएगी। सुबह 10 बजे शुरू होने वाली शोभायात्रा शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरती हुई ब्राह्मण सभागार में संपन्न होगी। जहां दोपहर बाद भंडारा लगाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें