आतंकियां से लोहा लेते हुए अपनी शहादत देने वाले वीरों को कठुआ में श्रद्धासुमन अर्पित करते पूर्व स?
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कठुआ। जम्मू कश्मीर में आतंकवाद से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों को दिए जाने वाले अनुग्रह राशि में बदलाव किए जाने की पूर्व सैनिकों ने मांग उठाई है। बुधवार को कठुआ में आयोजित बैठक के दौरान हाल के दिनों में जम्मू कश्मीर की सुरक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी गई।
इस मौके पर सेवानिवृत्त कर्नल पीएल चौधरी ने कहा कि सीमा पर सीजफायर होने के बावजूद पड़ोसी देश पाकिस्तान की ओर से जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। हाल के दिनों में हुई घटनाएं इन्हीं घुसपैठियों को रोकने के दौरान हुई हैं। जिसमें काफी संख्या में आतंकियों को हमारे सुरक्षा बलों के जवानों ने ढेर भी किया है। लेकिन दुखद पक्ष यह रहा है कि हमने इन घटनाओं में अपने कुछ वीर खोए भी हैं। जिन्होंने राष्ट्र की अखंडता की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनके सामने हम सभी देशवासी नतमस्तक हैं। उन्होंने जम्मू कश्मीर में शहीद हुए जवानों को प्रदेश सरकार की ओर से दी जाने वाली अनुग्रह राशि का बदलाव किए जाने की मांग करते हुए कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से आकर जम्मू कश्मीर की रक्षा के लिए अपने जीवन का उत्सर्ग करने वाले जवानों को जम्मू कश्मीर सरकार की तरफ से मात्र 2 लाख रुपया अनुग्रह राशि के तौर पर दिया जाता है, जो कि काफी कम है। जबकि जम्मू कश्मीर के ही स्थानीय निवासी जवान अगर वीरगति को प्राप्त होता है। तो उसे 5 लाख रुपया सरकार की ओर से अनुग्रह राशि के तौर पर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि देश के किसी भी राज्य से आकर जम्मू कश्मीर की रक्षा के लिए अपना बलिदान देने वाले जवानों के लिए यह राशि बहुत कम है। इसे समय के अनुकूल बनाने के लिए सरकार इस पर पुनर्विचार करें।