गोविंदसर गांव में डेंगू के मामले आने के बाद पीने के पानी में दवा डालते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचार
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कठुआ। कठुआ जिले में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। कठुआ रेलवे स्टेशन से सटा गोविंदसर इलाका डेंगू का एक बार फिर हॉट स्पॉट बन गया है। मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि पिछले कुछ दिनों में बुखार के बाद संदिग्ध रूप से इलाके में लगभग तीन मौत दर्ज की गई हैं। बीते महीने रेलवे कॉलोनी की रहने वाली एक महिला को डेंगू की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद उसने दम तोड़ दिया था। रेलवे कॉलोनी से ही आधा दर्जन लोग पहले ही डेंगू पॉजिटिव पाए जा चुके हैं।
सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के ओर से कठुआ शहर और आसपास के इलाकों में दस डेंगू पॉजिटिव मामलों की पुष्टि की गई है। इनमें शहर के वार्ड दस में एक, जंगलोट में दो और गोविंसर में सात मामले सामने आए हैं। जिसके बाद मलेरिया विंग की टीमों को पीड़ितों के घर और आसपास के 50 से अधिक घरों में मेलाथियान स्प्रे के लिए नियुक्त कर दिया गया। सोमवार को मलेरिया विंग की टीमें गोविंदसर गांव में पहुंची और लोगों को जागरूक भी किया। उन्हें घरों के आसपास पानी को जमा न होने देने की हिदायत दी गई है। सितंबर माह के पहले सप्ताह से जिले में डेंगू के मामले रिपोर्ट होना शुरू हो गए थे। रेलवे स्टेशन की कॉलोनी में मामले सामने आने के बाद भी डेंगू के संदिग्धों को स्वास्थ्य विभाग गंभीरता से नहीं ले रहा है। दो सप्ताह पूर्व इलाके में कई संदिग्धों मिले थे। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग लापरवाह बना रहा। बलविंद्र कुमार पंच वार्ड नंबर तीन गोविंदसर ने बताया मामले में स्वास्थ्य विभाग को आगाह भी किया गया था लेकिन कोई एहतियाती कदम नहीं उठाया गया है। प्रशासन भी गरीब लोगों की ओर ध्यान नहीं दे रहा है। इलाके में गंदगी के बड़े बड़े ढेर लगे हैं। जिनकी नियमित तौर पर सफाई भी नहीं करवाई जाती है। बताया कि बीते कुछ दिनों में लगभग तीन लोगों की संदिग्ध बुखार से मौत भी हुई है। ऐसे में इन मामलों को स्वास्थ्य विभाग हल्के में न ले।