विश्व बैंक की मदद से 30 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किए जाने थे, जिसमें 24 को लगा दिया गया है और बाकी छह जर्मनी से आ रहे हैं। सीएसआर के तहत दो अन्य ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए हैं।
कोविड की दो लहरों से सीख लेने के बाद जम्मू-कश्मीर में संक्रमित और गैर संक्रमित बीमारियों से निपटने के लिए ऑक्सीजन की अभूतपूर्व क्षमता पैदा की गई है। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में छोटे बड़े 150 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें 139 प्लांट शुरू कर दिए गए हैं।
विज्ञापन
कोविड की दूसरी लहर के दौरान खासतौर पर कई जिला अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी खली थी, लेकिन वर्तमान में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए नए जनरेशन प्लांट सक्षम होंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र के इतिहास में पहली बार कई गुणा ऑक्सीजन की क्षमता बढ़ गई है।
जम्मू-कश्मीर में छोटे-बड़े 150 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किए गए हैं। इनकी क्षमता 1.14 लाख एलपीएम होगी। इनमें यूटी कैपेक्स बजट के तहत 84 में से 79 प्लांट शुरू कर दिए हैं और बाकी पांच निर्माणाधीन हैं। इन प्लांट से प्रदेश में ऑक्सीजन की क्षमता 71650 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) तक पहुंच गई है।
विज्ञापन
इसके अलावा पीएम केयर राशि में मंजूर हुए सभी 34 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट को स्थापित कर दिया गया है। इसके साथ विश्व बैंक की मदद से 30 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किए जाने थे, जिसमें 24 को लगा दिया गया है और बाकी छह जर्मनी से आ रहे हैं। सीएसआर के तहत दो अन्य ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए हैं।
नए ऑक्सीजन प्लांट में लेवल 1 के रूप में काम करने वाले मेडिकल कॉलेजों के साथ जिला अस्पतालों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। कोविड की दोनों लहरों के दौरान जीएमसी जम्मू ने लेवल 1 के रूप में मुख्य भूमिका निभाई थी। कोविड के पीक पर रहने के दौरान अस्पताल के कई वार्डों को कोविड में बदल दिया गया था।
राहत यह रही कि गंभीर मरीजों को यहां अधिक ऑक्सीजन की कमी नहीं खली। स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विवेक भारद्वाज ने बताया कि प्रदेश में 150 में से लगभग ऑक्सीजन प्लांट चालू कर दिए गए हैं। कोविड की तीसरी लहर से निपटने के लिए हमारे सरकारी अस्पताल ऑक्सीजन के लिहाज से सक्षम हैं।