क्रॉस बॉर्डर तस्करी में शामिल तस्कर जेलों के जरिए भी अपना नेटवर्क चलाने लगे हैं। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने कुछ ऐसा जाल बुना है कि जेल में बंद तस्करों के साथ मिलकर तस्करी करवाई जा रही है। इसका ताजा उदाहरण पंजाब के माधोपुर में पकड़े गए एक तस्कर से पूछताछ से मिला है। तस्कर ने जम्मू के नौशेरा से लाई हेरोइन की खेप ली। यह खेप उसने पंजाब की दो अलग-अलग जेलों में बंद कैदियों के कहने पर ली है।
सूत्रों की मानें तो जम्मू की जेलों में बंद तस्कर भी इस तरह का नेटवर्क चला रहे हैं। इस पर एएनटीएफ, एनसीबी और पुलिस की स्पेशल ब्रांच की विशेष नजर है। सूत्रों का कहना है कि जेल में बंद तस्कर नेटवर्क चला रहे हैं। यह कैदी जेल से छूट कर बाहर जाने वाले बंदियों से साठगांठ करते हैं। उनको विश्वास में लेने के बाद बताते हैं कि हेरोइन की तस्करी में उनको कितना पैसा मिलेगा।
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यदि वह लोग पकड़े भी जाते हैं, तो उनको बाहर लाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। इस विश्वास के साथ जेल से बाहर आने वाले लोग अपने साथ कुछ और लोगों को जोड़ते हैं। इसके बाद यह लोग तस्करी करते हैं। जानकारी के अनुसार पंजाब और जम्मू की जेलों में बंद तस्कर इस तरह का नेटवर्क चला रहे हैं। जम्मू के कठुआ, सांबा बॉर्डर और राजोरी पुंछ, कुपवाड़ा की एलओसी को इसके लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
पंजाब से जम्मू और श्रीनगर के लिए चलने वाले ट्रकों को इसमें इस्तेमाल किया जा रहा है। ड्रग्स मामलों की जांच से जुड़े एक उच्च अधिकारी ने बताया कि अब तक जम्मू में ऐसा कोई मामला सामने तो नहीं आया, लेकिन इस तरह की जानकारी है कि जेलों में बंद कुछ ड्रग्स तस्कर इस तरह का नेटवर्क चला रहे हैं। इस पर नजर है।.