पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को कोरोना एसओपी का उल्लंघन करने पर नोटिस जारी किया गया। यह नोटिस दो दिन पहले दक्षिण कश्मीर के शोपियां में एक पार्टी सम्मेलन को लेकर जारी किया गया। इसके जवाब में महबूबा मुफ्ती ने प्रशासन पर उनके साथ भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि क्या यह मानदंड बाकियों पर लागू नहीं होते।
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महबूबा मुफ्ती को भेजे गए नोटिस में प्रशासन ने लिखा कि यह ध्यान में आया है कि महबूबा मुफ्ती ने कोरोना एसओपी के उल्लंघन में निर्धारित संख्या से ज्यादा लोग और समय से परे एक सार्वजनिक सभा बुलाई। इसको लेकर नोटिस जारी किया जा रहा है। कहा कि क्यों न आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। जानकारी के अनुसार महबूबा की सभा में 2000 से अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भाग लिया।
महबूबा ने नोटिस का जवाब देते हुए कहा कि यह अजीब और चौंकाने वाला था कि उसी दिन एलजी मनोज सिन्हा ने भी एक समारोह संबोधित किया, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए और वह भी इंडोर। क्या एलजी पर यही मानदंड लागू नहीं होते। कोरोना वायरस भेदभाव नहीं करता है, लेकिन दुर्भाग्य से यह स्पष्ट है कि यह प्रशासन भेदभाव करता है। महबूबा ने आरोप लगाया कि नजरबंदी के बाद से कई बार जानबूझकर उनके मूवमेंट और कार्यक्रमों को रोका गया।