जमात ए इस्लामी के अनुयायी युवक के बंदी आदेश को हाईकोर्ट ने रद्द कर उसे फौरन रिहा करने के आदेश जारी किया है। शोपियां के जिला मजिस्ट्रेट ने स्थानीय युवक बिलाल अहमद निवासी हिलाल इमाम साहिब शोपियां पर जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) लगाया था। केंद्र ने 2019 में जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध लगा दिया था।
जिला मजिस्ट्रेट की ओर से जारी आदेश के मुताबिक बिलाल जमात की विचारधारा को लोगों में फैलाकर सुरक्षा के लिए खतरा बन रहा था। वह पत्थरबाजी में भी संलिप्त रहा। जिला मजिस्ट्रेट के इसी आदेश पर हाईकोर्ट में जस्टिस अली मोहम्मद मागरे ने सुनवाई की। जस्टिस मागरे ने कहा कि बंदी बनाने वाली अथॉरिटी ने इस मामले में दिमाग से काम नहीं लिया है।
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कोर्ट ने कहा कि पीएसए के तहत बंदी बनाने का आदेश जारी करते समय इस बात की जानकारी नहीं ली गई कि आरोपी पुलिस अथवा न्यायिक हिरासत में है या उसे जमानत पर छोड़ा गया है। लिहाजा बंदी बनाने के आदेश को रद्द कर आरोपी को रिहा करने का आदेश दिया जाता है।