वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजियों व गोरखा समाज ने भी मनाया जश्न, बांटी मिठाइयां।
पीडीपी ने मनाया काला दिवस, कांग्रेस ने राज्य के दर्जे की बहाली के लिए किया प्रदर्शन। गुपकार गठबंधन ने बैठक कर राज्य के दर्जे व 370 की बहाली के लिए संघर्ष जारी रखने का किया आह्वान।
पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थियों ने अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने की दूसरी वर्षगांठ पर वीरवार को ढोल की थाप पर नाच गाकर जश्न मनाया। दो साल पहले लिए गए इस फैसले के कारण पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थियों को जम्मू-कश्मीर में नागरिकता के अधिकार प्राप्त हुए थे।
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पाकिस्तान रिफ्यूजी एक्शन कमेटी के अध्यक्ष लब्बा राम गांधी के नेतृत्व में समुदाय की महिलाओं, बच्चों समेत अन्य लोगों ने सीमा क्षेत्र में एकत्र होकर भारत माता की जय के नारे लगाए। गांधी ने कहा कि हम तिरंगा फ हरा कर इसे अपने स्वतंत्रता दिवस के रूप में मना रहे हैं क्योंकि जम्मू-कश्मीर में हमें वास्तविक स्वतंत्रता पांच अगस्त 2019 को मिली थी।
इन शरणार्थियों को अब स्थानीय निवासियों के अधिकारी मिले हैं जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद दिया। हम जम्मू-कश्मीर के अवांछित नागरिकों की तरह रह रहे थे। हमारे पास मतदान से लेकर नौकरी तक कोई अधिकार नहीं था। अब हम जम्मू कश्मीर के गौरवान्वित नागरिक हैं। अब हमारे बच्चों को सभी अधिकार मिल जाएंगे।
ज्ञात हो कि इन्हें संसदीय चुनाव को छोड़कर किसी भी अन्य चुनाव में मतदान करने का अधिकार प्राप्त नहीं था। इसी तरह वाल्मीकि समुदाय के लोगों ने भी खुशी का इजहार किया। वे वाल्मीकि मंदिर परिसर में एकत्र हुए और उन्होंने भारत के समर्थन में नारे लगाए। वाल्मीकि समाज की कार्यकर्ता राधिका गिल ने कहा कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करना उन्हें नया जीवन देने जैसा है।